युवती ने फैमिली के साथ जाने का लिया फैसला तो प्रेमी कोर्ट की छत से लटका
जोधपुर: राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रेम प्रसंग से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान एक 22 वर्षीय युवक ने हाईकोर्ट की बालकनी से लटककर कूदने का प्रयास किया। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद वकीलों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को समय रहते पकड़ लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को शांतिभंग के आरोप में हिरासत में ले लिया है। जानकारी के मुताबिक, न्यायाधीश मुन्नूरी लक्ष्मण और न्यायाधीश चंद्र प्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) पर सुनवाई चल रही थी। कोर्ट के आदेश पर युवती को जोधपुर स्थित राजकीय नारी निकेतन से पेश किया गया था। परामर्श (काउंसलिंग) के दौरान युवती ने स्पष्ट किया कि वह अपने माता-पिता के साथ नहीं जाना चाहती और उसने अपनी बुआ ‘देवी’ के साथ रहने की इच्छा जताई। युवती के पिता और बुआ दोनों ने इस पर सहमति जताई, जिसके बाद कोर्ट ने नारी निकेतन को युवती की अभिरक्षा उसकी बुआ को सौंपने के निर्देश दिए।
प्रेमिका के बुआ के साथ जाने के फैसले से नाराज हुआ युवक
जैसे ही कोर्ट में युवती की ओर से परिजन (बुआ) के साथ जाने का फैसला सामने आया, उससे नाराज होकर बाड़मेर रोड स्थित गंगाणा निवासी युवक अरबाज खान (22 वर्ष) आपा खो बैठा। उसने अचानक हाईकोर्ट परिसर की बालकनी की तरफ दौड़कर वहां से छलांग लगाने की कोशिश की और बालकनी से लटक गया।
वकीलों की मुस्तैदी से बची जान
युवक को बालकनी से लटकता देख वहां मौजूद अधिवक्ताओं और प्रत्यक्षदर्शियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, वहां खड़े वकीलों ने बिना समय गंवाए मुस्तैदी दिखाई और युवक को कसकर पकड़कर ऊपर खींच लिया। यदि वकीलों ने तुरंत प्रतिक्रिया न दी होती तो युवक नीचे गिर सकता था। इसके बाद पुलिस ने युवक को काबू में कर लिया।
फर्जी विवाह प्रमाण पत्र का मामला भी आया सामने
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पूर्व 15 अक्टूबर को हुई सुनवाई में प्रेमी युगल द्वारा प्रस्तुत कथित विवाह प्रमाण पत्रों के सत्यापन में उन्हें फर्जी पाया गया था। यह संरक्षण याचिका अभी अदालत में लंबित है।
खंडपीठ ने फर्जी विवाह प्रमाण पत्र से जुड़े इस गंभीर मामले को अगली सुनवाई पर कोर्ट के समक्ष रखने के लिए रजिस्ट्रार (न्यायिक) को सख्त निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 20 नवंबर को तय की गई है।



