एसेस डेवलपमेंट सर्विस संस्था उद्यमी महिलाओं को प्रदान कर रही मंच
कार्यशाला में बाजार, खरीदारों एवं वित्तीय संस्थानों से जोडऩे पर मंथन

भोपाल, 27 अक्टूबर. एसेस डेवलपमेंट सर्विस द्वारा स्टेक होल्डर-कम-बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद को बाजार, खरीदारों एवं वित्तीय संस्थानों से जोडऩे के बारे में जानकारी दी। एसेस डव्लपमेंट सर्विस द्वारा आयोजित स्टेक होल्डर-कम-बायर-सेलर मीट में मुख्य रूप से मसालों के व्यापार को बढ़ावा देने के गुर सिखाय गए। एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से संचालित स्पाइस अप परियोजना का लक्ष्य 150 उत्पादक समूहों के माध्यम से 2,250 महिला किसानों को जोडऩा है।
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित महिला किसान उत्पादक समूहों धार, गुना एवं खरगोन जिले को विश्वसनीय बाजारों, संभावित खरीदारों एवं वित्तीय संस्थानों से जोडऩे के लिए विभिन्न जिलों से आए उत्पादक समूहों के 110 प्रतिनिधियों, मसाला खरीदारों, वित्तीय संस्थानों, सरकारी विभागों, कृषि क्षेत्र से जुड़े संस्थानों तथा विकास सहयोगियों ने सहभागिता की। स्पाइसेज़ बोर्ड ऑफ इंडिया के वैज्ञानिक एवं उपनिदेशक डॉ भारत अरुण गुडाडे, नाफेड के कार्यकारी अधिकारी धनराज बारबडे, डायरेक्टरेट ऑफ मार्केटिंग एंड इंस्पेक्शन के सहायक विपणन सलाहकार अक्षय याकूब सहित विभिन्न संस्थानों एवं खरीदार संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बाजार में अच्छे उत्पाद की हमेशा जरूरत
एसेस डव्लपमेंट सर्विस नई दिल्ली के वाइस प्रेसिडेंट राजेश पंत, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कृषि विकास संचालनालय के संयुक्त संचालक कमल जैन ने महिलाओं को बाजार की जरूरतों के बारे में बताया। वहीं टीम लीडर सशेष सिंह ने स्पाइस अप परियोजना की रूपरेखा एवं आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी। स्पाइसेज बोर्ड के सहायक निदेशक आशीष जायसवाल ने मसालों की गुणवत्ता, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के तकनीकी पहलुओं के चर्चा की. खेत से वैश्विक बाजार तक विषय पर पैनल चर्चा में खरीदारों की अपेक्षाओं और बाजार के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। संस्थागत ऋण, सरकारी योजनाओं और उपयुक्त तकनीकों पर भी बात हुई।उत्पादक समूह की सदस्य ने अपनी सफलता की यात्रा साझा की।
व्यावसायिक अवसरों और ऋण-पूंजी पर चर्चा
कार्यक्रम में नाफेड, आईसीसी, जोमेटो, रिलांयस, पीसी कानन, उद्यमी स्पाइस समेत अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे। इसके अतिरिक्त नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन, सॉलि डेरिडाडत के प्रतिनिधियों ने अपनी सेवाओं, व्यावसायिक अवसरों तथा उत्पादक समूहों के साथ संभावित सहयोग के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में एक्सिस बैंक एवं नब किसान के प्रतिनिधियों ने उत्पादक समूहों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपलब्ध ऋण सुविधाओं, वित्तीय सहायता तथा कार्यशील पूंजी से संबंधित विकल्पों की जानकारी दी। वित्तीय संस्थानों के साथ हुई चर्चा से उत्पादक समूहों को अपने कृषि व्यवसाय के विस्तार, कृषि उपज की खरीद, भंडारण, प्रसंस्करण एवं विपणन गतिविधियों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं को समझने में सहायता मिली।






