भगवान बुद्ध की शिक्षाओं में शांति, करुणा, मैत्री और समानता का संदेश- इंजी.धम्मरतन सोमकुंवर
करुणा बुद्ध विहार में पूज्य भन्ते प्रियबोधि जी का वर्षावास समापन समारोह संपन्न

भोपाल। करुणा बुद्ध विहार, तुलसी नगर, भोपाल में पूज्य भन्ते प्रियबोधि जी के वर्षावास समापन समारोह का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के ताडोबा अभयारण्य से पधारे पूज्य भदन्त ज्ञानज्योति महाथेरो एवं भिक्षु संघ की विशेष उपस्थिति रही। दिनभर आयोजित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाओं तथा गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
समारोह का शुभारंभ प्रातः 10 बजे बुद्ध वंदना से हुआ। इसके पश्चात प्रबुद्ध महिला मंडल द्वारा भिक्षु संघ को श्रद्धापूर्वक भोजनदान किया गया। दोपहर 1 बजे से महापरित्राण पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें पूज्य भिक्षु संघ ने उपासक-उपासिकाओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
सायं 5 बजे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पार्क, आंबेडकर नगर से भिक्षु संघ के नेतृत्व में भव्य धम्म रैली निकाली गई। रैली माता मंदिर एवं पंचशील नगर चौराहे से होते हुए करुणा बुद्ध विहार पहुंची। रैली के माध्यम से भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री एवं समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया।
करुणा बुद्ध विहार पहुंचने के पश्चात पूज्य भदन्त ज्ञानज्योति महाथेरो ने धम्म देशना दी। उन्होंने भगवान बुद्ध के धम्म, मानवीय मूल्यों तथा जीवन में करुणा, मैत्री, प्रज्ञा और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमुदाय को धम्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। धम्म देशना के उपरांत पूज्य भिक्षु संघ को श्रद्धापूर्वक संघदान अर्पित किया गया।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के विधायक भगवानदास सबनानी, दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के ट्रस्टी चेयरमैन डॉ. चन्द्रबोधि पाटिल, राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर धम्मरतन सोमकुंवर, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भीमराव कांबले, बी टी गजभिये, केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य तथा केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य यू जी चवरे, डा मोहनलाल पाटिल, आर पी आई के राष्ट्रीय महासचिव, उपस्थित रहे। इनके साथ बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने समारोह में भाग लेकर वर्षावास समापन के अवसर पर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
समूचा आयोजन बुद्ध वंदना, धम्म साधठथठना, दान एवं सामाजिक समरसता की भावना से परिपूर्ण रहा। समारोह ने भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश को आत्मसात करने का प्रेरणादायी अवसर प्रदान किया।




