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सारा अली खान के केदारनाथ दौरे पर विवाद: ‘मंदिर पर्यटन स्थल नहीं…’, संत जितेंद्रानंद सरस्वती ने उठाए सवाल

अभिनेत्री सारा अली खान हाल ही में केदारनाथ दर्शन करने पहुंची थीं। अब उनके दौरे पर अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जानिए उन्होंने क्या कहा।

हिंदू मंदिर पर्यटन स्थल नहीं हैं
मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, ‘यह मौलानाओं का मामला है और उन्हें अपनी बहनों और बेटियों को रोकना चाहिए। हमने साफ कहा है कि अगर इस्लाम को लगता है कि हमारे डांडिया रास में मुस्लिम लड़के शामिल होने चाहिए, तो सिर्फ लड़के ही क्यों? उनके पूरे परिवार को इसमें शामिल क्यों नहीं होना चाहिए? उनकी बेटियां इसमें क्यों शामिल नहीं हो सकतीं? अगर बेटियां भी शामिल होती हैं, तभी इसका कोई मतलब बनता है
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने आगे कहा, ‘सारा अली खान की बात करें तो मद्रास हाईकोर्ट ने तीन दिन पहले ही फैसला दिया है कि हिंदू मंदिर पर्यटन स्थल नहीं हैं, बल्कि तीर्थस्थल हैं। अगर आपकी आस्था है तो आप वहां जा सकते हैं, लेकिन आपको अपनी आस्था दिखानी होगी। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं।सारा के केदारनाथ दौरे पर क्यों हुआ विवाद?
दरअसल, बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान हाल ही में उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर पहुंची थीं। यहां उन्होंने दर्शन करने के साथ पूजा और आरती में भी हिस्सा लिया। उन्होंने मुख्य मंदिर के अलावा पास स्थित भुकुंट भैरव मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।

सारा के इस दौरे पर बरेली के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आपत्ति जताई थी। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना ने सारा के मंदिर जाने, पूजा करने और धार्मिक रस्मों में हिस्सा लेने को इस्लामिक कानून (शरिया) के हिसाब से नाजायज और हराम बताया था। उन्होंने अभिनेत्री से अल्लाह से माफी मांगने यानी तौबा करने की अपील भी की थी।

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