बिज़नेस

साइबर अपराध के खिलाफ Paytm ने तेज़ की मुहिम, भोपाल पुलिस के साथ आयोजित किया जागरूकता सत्र

भोपाल, 2 नवंबर 2026: साइबर अपराध को लेकर होने वाली चर्चाओं में आमतौर पर ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, जैसे अनजान लिंक पर क्लिक न करना, संदिग्ध कॉल से बचना और किसी के साथ OTP साझा न करना। Paytm इस दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए उन पुलिस अधिकारियों के साथ सीधे काम कर रहा है, जो ऐसे मामलों की जांच करते हैं, ताकि शिकायत मिलने पर कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।

Paytm (One 97 Communications Limited), जो भारत की अग्रणी फुल-स्टैक मर्चेंट पेमेंट्स कंपनियों में से एक है, ने हाल ही में भोपाल में जांच अधिकारियों के लिए एक इंटरैक्टिव साइबर अपराध जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस सत्र की अध्यक्षता भोपाल पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के पुलिस अधीक्षक (SP) नवीन कुमार चौधरी ने की। इसमें भोपाल पुलिस, STF, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और साइबर सेल के लगभग 50 अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में अधिक से अधिक परिवार रोजमर्रा के लेन-देन के लिए मोबाइल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय दुकानों पर भुगतान से लेकर बिजली-पानी के बिल भरने तक, साइबर अपराध और धोखाधड़ी की शिकायतों से निपटने में सही जानकारी समय पर मिलना पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। इसी पहलू पर सत्र में विशेष ध्यान दिया गया। Paytm ने जांच अधिकारियों को मोबाइल पेमेंट की कार्यप्रणाली, जांच के दौरान जरूरी जानकारियों और कानूनी रूप से प्राप्त अनुरोधों पर समयबद्ध प्रतिक्रिया देने के लिए Paytm के साथ समन्वय करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।

सत्र के दौरान अधिकारियों ने अपने मामलों से जुड़े व्यावहारिक और प्रक्रियात्मक सवाल भी साझा किए। इससे साइबर अपराध की रोकथाम और जांच को अधिक प्रभावी बनाने के लिए Paytm और जांच एजेंसियों के बीच बेहतर सूचना साझा करने और समन्वय स्थापित करने पर खुलकर चर्चा हुई। सत्र में शामिल अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया।

भोपाल में आयोजित यह सत्र देश के विभिन्न शहरों में पुलिस बलों के साथ Paytm द्वारा आयोजित किए जा रहे साइबर अपराध जागरूकता सत्रों की श्रृंखला का हिस्सा है। यह पहल दर्शाती है कि Paytm डिजिटल सुरक्षा को केवल ऐप तक सीमित नहीं मानता, बल्कि इसे पुलिस के साथ साझा जिम्मेदारी के रूप में देखता है, जहां साइबर अपराध से निपटने में तकनीक के साथ-साथ आपसी सहयोग भी अहम भूमिका निभाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button