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रामायण: ऑनलाइन लीक करने वालों की खैर नहीं, फिल्म की पायरेसी करने वालों पर होगी कार्रवाई; कोर्ट का बड़ा फैसला

फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह है। फिल्म के एक्टर्स भी इसके बड़े स्तर पर प्रमोशन में लगे हुए हैं। अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म को पायरेसी से बचाने के लिए बड़ा फैसला सुनाया है।

कोर्ट ने सुनाया ये आदेश 
कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति या डिजिटल प्लेटफॉर्म बिना अनुमति के फिल्म की रिकॉर्डिंग, अपलोडिंग या स्ट्रीमिंग नहीं कर सकता। इसके अलावा, फिल्म से जुड़ा कोई भी पायरेटेड कंटेंट सामने आने पर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शिकायत मिलने के बाद उसे हटाना या ब्लॉक करना होगा।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को जस्टिस माधव जामदार ने यह आदेश गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर कॉपीराइट उल्लंघन याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कंपनी के पास भारत और विदेशों में फिल्म के कॉपीराइट और उसके इस्तेमाल से जुड़े अधिकार हैंफिल्म के हर हिस्से को पायरेसी से बचाने की मांग
प्रोडक्शन कंपनी ने कोर्ट से फिल्म की स्क्रिप्ट, किरदारों, फुटेज, गानों के बोल और ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत सभी चीजों को पायरेसी से सुरक्षा देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि फिल्म के पहले पार्ट को बनाने में करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। वहीं, दोनों पार्ट का कुल बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपये बताया गया है।

कंपनी ने यह भी बताया कि फिल्म के दोनों ट्रेलर की कुछ फुटेज कथित तौर पर गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड करके इंटरनेट पर शेयर कर दी गई थीं। प्रोडक्शन कंपनी को डर था कि फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद भी इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं।गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने नहीं जताई आपत्ति
इस मामले की सुनवाई के दौरान गूगल एलएलसी और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर से पेश वकीलों ने प्रोडक्शन कंपनी की मांग पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि पायरेसी से जुड़ी शिकायत मिलने पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में कोर्ट के इस आदेश से फिल्म को ऑनलाइन लीक होने से बचाने में मेकर्स को काफी मदद मिल सकती है।

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