मध्य प्रदेश

अधिकारियों का मूल दायित्व जनसेवा एवं राज्य के विकास में योगदान देना है-ए पी सिंह

आज नरोन्हा् प्रशासन अकादमी के माध्यम से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित राज्य सेवा के वर्ष 2019-20 के 120 प्रशिक्षु अधिकारियों के बैच को श्री ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा द्वारा विधान सभा के मानसरोवर सभागार में संबोधित कर उक्त उद्गार व्यनक्त किये गये। प्रमुख सचिव श्री सिंह द्वारा शासन के विभागों की सेवा के लिए चयनित युवा अधिकारियों को विधि-निर्माण, बजट, प्रश्न आदि विधान सभा की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देने के साथ उल्लेख किया गया कि शासकीय सेवा के लिए चयनित युवा अधिकारियों का मूल दायित्व अपने अधिकारों का उपयोग जनसेवा के लिए एवं राज्य के विकास के लिए करना है। विधान सभा, प्रदेश की जनता द्वारा निर्वाचित विधायी संस्था है। इसी के माध्यम से कार्यपालिका को शासन व्यवस्था संचालित करने हेतु विधान एवं बजट उपलब्ध कराया जाता है। विधायिका के प्रतिनिधि ही शासन की नीतियों एवं निर्णयों का विश्लेषण कर कार्यपालिका पर नियंत्रण रखते हैं। इसलिए विधायिका को तत्परता से जानकारी देना एवं उसके जन-प्रतिनिधि सदस्यों की गरिमा बनाए रखना कार्यपालिका का दायित्व है। प्रभावी कर्तव्य निर्वहन हेतु युवा अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित कानूनों के साथ विधान सभा कार्य संचालन नियमावली का भी अध्ययन करना चाहिए।
प्रमुख सचिव द्वारा क्षमता निर्माण संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के युवा अधिकारियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का समाधान भी किया गया।
इस अवसर पर वाणिज्यिक कर, वित्त, उद्योग, सामान्य प्रशासन विभाग, श्रम, जनसंपर्क, जनजाति कार्य, नगरीय प्रशासन, स्थानीय निधि संपरीक्षा, गृह आदि विभागों के लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 120 प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ प्रशासन अकादमी की उप संचालक श्रीमती नंदा भलावे कुसरे उपस्थित थीं। अंत में श्रीमती नंदा भलावे कुसरे द्वारा प्रमुख सचिव विधान सभा का आभार व्यकक्त किया गया।

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