अटलजी ने स्वराज की अवधारणा को ‘‘सुशासन’’ में परिवर्तित किया- रजनीश अग्रवाल
आईएसबीटी नगर निगम में सुशासन सम्मेलन का हुआ आयोजन


भोपाल। भारतीय जनता पार्टी जिला भोपाल द्वारा मंगलवार को भोपाल के आईएसबीटी नगर निगम में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्मशताब्दी वर्ष पर आयोजित सुशासन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में अटलजी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान सुशासन की दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन को प्रदेश मंत्री श्री रजनीश अग्रवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति एवं महापौर श्रीमती मालती राय ने संबोधित किया।
पार्टी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारत के व्यापक संदर्भ में ‘स्वराज’ की अवधारणा को ‘सुराज’ अर्थात सुशासन में परिवर्तित किया। उन्होंने सत्ता को सेवा और जनकल्याण का सशक्त माध्यम बनाया। आम नागरिक के दैनिक जीवन से जुड़ी सुविधाओं बिजली, सड़क, आवास, संचार, शिक्षा और खाद्य सुरक्षा को सुलभ कराने में अटल जी की सरकार की निर्णायक भूमिका रही। अग्रवाल ने कहा कि अटल सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, एक्सप्रेस-वे, घरेलू गैस विस्तार, दूरसंचार क्रांति, आर्थिक उदारीकरण, बीपीएल की अवधारणा, सूचना का अधिकार, शिक्षा का मौलिक अधिकार, अंत्योदय अन्न योजना, संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना जैसी ऐतिहासिक योजनाओं की शुरुआत हुई। इन योजनाओं का श्रेय बाद में कांग्रेस सरकारों द्वारा लेने का प्रयास किया गया, जबकि इनकी नींव अटल जी ने रखी थी। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार विधेयक वर्ष 2002-2003 में अटल सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत किया गया, जो पारदर्शी शासन की दिशा में एक बड़ा कदम था। अंत्योदय अन्न योजना के माध्यम से सबसे गरीब वर्ग को खाद्य सुरक्षा प्रदान की गई, जो आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निशुल्क राशन योजना के रूप में और अधिक व्यापक स्वरूप में सामने आई है।
भोपाल जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति ने कहा कि अटलजी ने पोखरण परमाणु परीक्षण किसी देश को धमकाने के लिए नहीं, बल्कि भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी और सामरिक क्षमता के आत्मविश्वासपूर्ण प्रदर्शन का प्रतीक था। अटल जी की सरकार ने एएसआई के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्यों का संकलन कराया, जो आगे चलकर सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय का आधार बना। आज जहाँ श्रीरामलला विराजमान हैं, वहीं केन्द्र की मोदी सरकार ने भव्य मंदिर का निर्माण कराया। वास्तव में अटलजी ने सुशासन को धरातल पर उतारा था।
कार्यक्रम का संचालन पार्षद, जोन अध्यक्ष सूर्यकांत गुप्ता ने किया एवं नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक श्री मनोज राठौर, सहित महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण, नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


