अध्यात्मखबरमध्य प्रदेश

मालदीव में थी रावण की लंका- डॉ. राम गोपाल सोनी 

डॉ.रामगोपाल सोनी रिटायर्ड एडिशनल पीसीसीएफ मध्य प्रदेश ने अपनी पुस्तक में किया खुलासा

भोपाल, श्री पितांबरा विद्यापीठ न्यास द्वारा रजत जयंती समारोह पर दो दिवसीय ज्योतिष शोध समागम एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉक्टर रामगोपाल सोनी रिटायर्ड एडिशनल पीसीसीएफ मध्य प्रदेश ने भगवान राम के वनवास के दौरान अयोध्या से लेकर लंका तक की यात्रा का वृतांत पेश किया। डॉ.सोनी राम वन गमन पथ पुनरावलोकन नामक पुस्तक लिख चुके हैं जिसमें राम जी के अयोध्या से लेकर चित्रकूट, अमरकंटक, दंडकारण्य रामेश्वरम इत्यादि स्थानों के बारे में उल्लेख किया गया है। डॉक्टर सोनी ने कहा कि भगवान राम कुछ दिन चित्रकूट में रुके थे । उनके रास्ते को लेकर भ्रम है लेकिन स्कंद पुराण में स्पष्ट है कि भगवान राम अमरकंटक में दमगढ़ से नर्मदा नदी पार किए थे।  दमगढ़ ही परशुराम जी की जन्मस्थली है । भगवान राम वहां से छत्तीसगढ़ दंडकारण्य की ओर रवाना हुए थे । पांपा नदी के किनारे सबरीमाला पर भगवान राम की हनुमान जी से मुलाकात हुई थी। इसके अलावा डॉक्टर रामगोपाल सोनी ने कहा कि लोग जिस श्रीलंका को लंका मान रहे हैं वह रावण की लंका नहीं है । यह श्रीलंका तो सिर्फ एक सिंगल दीप है जो की चार योजन ही है।  भारत से मालदीव 1200 किलोमीटर है जिसे हम 100 योजन कह सकते हैं। डॉक्टर सोनी का कहना है की असली लंका मालदीव ही है। आईए जानते हैं डॉक्टर रामगोपाल सोनी से भगवान श्री राम की वनवास के दौरान अयोध्या से लेकर लंका पर विजय प्राप्त करने तक के स्थल।

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