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आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, नौकरी में सुरक्षा सहित मांगों को लेकर निकाली रैली

मंत्रालय में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

भोपाल। युवा आउटसोर्सिंग सामाजिक कल्याण समिति द्वारा  अप्रैल को  मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन एवं  प्रमुख सचिव श्रम विभाग भोपाल को अपनी समस्याओं एवं उनके निराकरण/मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्रीय  ज्ञापन सौंपा गया। इससे पहले अनिल बाजपेयी  व समिति के प्रदेश अध्यक्ष  दीपक सिंह की अध्यक्षता में  आशीष सिंह सिसौदिया प्रदेश संगठन मंत्री के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, सैकड़ों की संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी दोपहर पर्यावास भवन के सामने मैदान में एकत्रित हुए, इसके पश्चात दोपहर 02:00 बजे से पर्यावास भवन के सामने वाले मैदान से कोर्ट एवं सूचना भवन मार्ग होते हुए मंत्रालय तक रैली निकाली एवं गेट नंबर 1 पर पहुंचे तथा प्रमुख सचिव श्रम विभाग को ज्ञापन सौंपा गया। युवा आउटसोर्सिंग समाज कल्याण समिति के प्रदेश संगठन मंत्री आशीष सिंह सिसोदिया ने कहा
हमने प्रमुख सचिव श्रम विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपने 9 से 3 भागों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।  हमारी प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि जो कि अभी 2001 की महंगाई की दर से दी जा रही है जबकि आज 2026 चल रहा है उसे बढ़ाया जाए।  इसके अलावा बिना कारण बिना नोटिस दिए आउटसोर्स कर्मचारियों को निकाल दिया जाता है सरकार को ऐसी कार्यवाहियों पर रोक लगनी चाहिए । आशीष सिंह सिसोदिया ने कहा कि सरकार के वचन पत्र में पेज 81 में लिखा है कि आउटसोर्स कर्मचारी को संविदा कर्मी का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन सरकार के गठन के तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया ।उन्होंने आगे कहा कि हमने प्रमुख सचिव से मुलाकात की है और प्रमुख सचिव ने वेतन रुकने और बोनस तथा ईपीएफ संबंधी मामलों की सूची मांगी है । जो कर्मचारी इस सुविधा से वंचित है उनको लाभ दिलाने का आश्वासन दिया है।  इसके अलावा युवा आउटसोर्सिंग सामाजिक कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि आज  हम लोगों ने पर्यावरण के सामने से लेकर मंत्रालय तक अपनी मांगों को लेकर रैली निकाली। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि हमारी मांगों को पूरा किया यदि सरकार हमारी मांग नहीं मानती है तो हम आगे भी आंदोलन करेंगे।

आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगें निम्नानुसार हैं

1- बिचौलिया (ठेका प्रथा) समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग से सीधे वेतन भुगतान किया जाए।

2- प्रतिवर्ष 10% से 15% तक मानदेय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए।

3- सेवा में बार-बार रखने एवं पृथक करने की प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए तथा सेवा अवधि 62 वर्ष तक निर्धारित की जाए।

4- आउटसोर्स कर्मचारियों को आकस्मिक अवकाश, मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश की पात्रता प्रदान की जाए।

5- स्थानांतरण के संबंध में स्पष्ट नीति बनाई जाए, जिससे कर्मचारियों की वरिष्ठता सुरक्षित रहे।

6. आउटसोर्स कर्मचारियों को ग्रेज्युटी का लाभ प्रदान किया जाए।

7- कार्य के दौरान दुर्घटना होने की स्थिति में बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

8- आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित/संविदा कर्मचारियों के समकक्ष न्यूनतम वेतन प्रदान किया जाए, जिससे वर्तमान महंगाई में वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें एवं अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकें।

9- कार्य के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित व्यक्ति को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदाय की जावे।

 

 

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