अंधकासुर का वध करने के लिए प्रकट हुई थीं मां बगलामुखी
मां बगलामुखी का प्रकटोत्सव श्री मां पीतांबरा पीठ आयकर कॉलोनी कोटरा में मनाया गया



भोपाल। आदिशक्ति महामाया पीतांबरा बगलामुखी का प्रकटोत्सव राजधानी स्थित श्री रविंद्र दास आश्रम कोटरा आयकर कॉलोनी में शुक्रवार को मनाया गया। शक्ति पीठ में इस दौरान अभिषेक और हवन का आयोजन किया गया। श्री मां पीतांबरा पीठ के जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री स्वामी रविंद्र आचार्य महाराज जी ने कहा कि मां बगलामुखी का प्रकटोत्सव आज मनाया गया। इस पृथ्वी पर जब भगवान विष्णु सृष्टि की रचना कर रहे थे तो अंधकासुर नाम का राक्षस बार-बार सृष्टि को नष्ट कर रहा था। यह सिलसिला लगभग 5000 वर्ष तक चलता रहा, भगवान विष्णु सृष्टि को तैयार करते और अंधकासुर नष्ट कर रहा था। अंत में भगवान विष्णु की आह निकली और शिव तथा पार्वती का सिंहासन डोल गया। तब तीनों की शक्ति स्वरूप मां पीतांबरा का अवतरण हुआ। पीतांबरा का अवतरण “गुजरात के मोरबी में हुआ था, उनका संस्कृत में वास्तविक नाम बलगा है । बलगा का मतलब जो घोड़े पर के मुंह पर लगाम लगाए। उन्होंने इसी तरह से अंधकासुर राक्षस का वध किया था। आज के कार्यक्रम में पंडित विनोद गौतम, पंडित वैभव भटेले, पंडित गंगा प्रसाद दुबे सहित काफी संख्या में संत- महात्मा मौजूद रहे। हवन अभिषेक के बाद सभी ने प्रसादी भी ग्रहण की।



