एजुकेशनमध्य प्रदेश

एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में अभ्युदय भारत पर व्याख्यान

भोपाल एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में अभ्युदय भारत 2026 के अंतर्गत 19 निजी विश्वविद्यालयों में युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं समग्र व्यकित्व विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक व्याख्यान एवं एक संबंधित कार्यक्रमों की गतिविधियां आयोजित की गई। जिसमे वंदे मातरम, भागवन बिरसा मुंडा एवं गुरू तेग बहादुर विषयों पर व्याख्यान तथा पर्यावरण, स्वदेशी एवं नागरिक शिष्टाचार विषयों पर कार्यक्रम गतिविधिया आयोजित की गई। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु एलएनसीटी विश्वविद्यालय को नोडल एजेंसी बनाया गया था। इसी तारतम्य में म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग भोपाल एवं एलएनसीटी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में सामूहिक कार्यक्रम दिनांक 27 एवं 28 अप्रैल 2026 को एलएनसीटी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की गई जिसमें 19 विश्वविद्यालयों की 57 टीमों द्वारा देशभक्ति गीत, नाटक एवं चित्रकला में अपनी प्रस्तुतियां दी गयी। अभ्युदय भारत 2026 के समापन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अशोक पांडे पूर्व अध्यक्ष मप्र लोक सेवा आयोग इंदौर, प्रो. खेमसिंह डहेरिया, अध्यक्ष, म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता जयनारायण चौकसे, कुलाधिपति, एलएनसीटी विश्वविद्यालय महेश चंद्र चौधरी, सदस्य प्रशासनिक, म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, डॉ. देवेन्द्र सिंह गुर्जर, सचिव, म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग , डॉ. सचिन तिवारी, प्राध्यापक, एनआईटीटीटीआर, प्रो. नरेन्द्र कुमार थापक, कुलगुरू, एलएनसीटी विश्वविद्यालय एवं गौरव तिवारी, प्रो-कुलाधिपति, मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय, सीहोर उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. नरेन्द्र कुमार थापक द्वारा मंचासीन अतिथियों का परिचय कराते हुये कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रो. खेमसिंह डहेरिया, अध्यक्ष, म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा अपने वक्तव्य में अभ्युदय भारत का वास्तविक अर्थ बताते हुये कहा गया कि जब हमारे युवा केवल सपने न देखें बल्कि उन्हें साकार करने का साहस भी रखें और यह तभी संभव है जब हम अपने अंदर कुछ मूलभूत परिवर्तन लाये। प्रो डहेरिया ने विकसित भारत 2047 पर अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि यह सपना तभी सकार होगा जब हम स्व की भावना, कर्तव्य बोध विरासत पर गर्व, एकता और नागरिक अनुशासन को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 हमें ऐसी दिशा देती है जहां शिक्षा ज्ञान के साथ कौशल, मूल्य और नवाचार को भी विकसित करती है।
मुख्य वक्ता के रूप में अशोक पांडे में अपने वक्तव्य में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों एवं समग्र व्यक्तित्व के विकास पर प्रकाश डालते हुये युवाओं को भविष्य के भारत निमार्ण के लिये प्रोत्साहित किया साथ ही युवाओं को भारत के भविष्य के विषय में चिंतन करने एवं देश के प्रति समर्पण हेतु प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जयनारायण चौकसे, कुलाधिपति, एलएनसीटी विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों इसी प्रकार राष्ट निमार्ण में योगदान देने एवं विकसित भारत 2027 के लक्ष्यों को प्राप्त करने और उन लक्ष्यों को साकर करने के लिये विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा कार्यक्रम के समापन सत्र में तीनों वर्ग की सामूहिक प्रतियोगिता में विजेता विश्वविद्यालयों की टीमों को पुरूस्कार प्रदान किये गये जिसमें देशभक्ति प्रतियोगिता में एलएनसीटी विश्वविद्याय ने प्रथम, मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय द्वितीय एवं पीपुल्स विश्वविद्यालय तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में एलएनसीटी विश्वविद्यालय, ने प्रथम, जेएनसीटी प्रोफेशनल विश्वविद्यालय द्वितीय एवं भाभा विश्वविद्यालय तृतीय स्थान प्राप्त किया। नाटक प्रतियोगिता में पीपुल्स विश्वविद्यालय ने प्रथम, एलएनसीटी विश्वविद्यालय, द्वितीय एवं भाभा विश्वविद्यालय तृतीय स्थान प्राप्त किया। साथ ही शेष सहभागिता करने वाले विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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