कार्यक्रम “बाल साहित्य संवाद” का शुभारंभ
भोपाल। बच्चे देश का भविष्य होते हैं। बाल साहित्य एवं बाल कल्याण शोध केंद्र भोपाल इस महत्वपूर्ण उक्ति को ध्यान में रखते हुए सदैव से सभी आयु के बच्चों के विकास के लिए कटिबद्ध रहा है। यही नहीं बच्चों को उत्तम संस्कारों से दीक्षित करने हेतु केंद्र ने बाल साहित्य को प्रश्रय देते हुए, देश भर के बाल साहित्यकारों से तादात्म्य स्थापित कर अनेकों सफल कार्यक्रम कराए हैं एवं बाल साहित्य पुस्तकालय की स्थापना की है, जिसका लाभ बच्चों को मिल रहा है।
एक नए सोपान के रूप में अब शोध केंद्र द्वारा प्रतिमाह होने वाले विशिष्ट कार्यक्रम
“बाल साहित्य संवाद” की घोषणा की गई है। इस कार्यक्रम में प्रतिमाह किसी एक वरिष्ठ बाल साहित्यकार पर केंद्रित डेढ़ घंटे का कार्यक्रम शोध केंद्र में आयोजित होगा। कार्यक्रम दो भागों में होगा जिसमें पैंतालीस मिनट का बाल साहित्यकार का साक्षात्कार होगा जिसके अंतर्गत उसके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से संबद्ध कई प्रश्न पूछे जाएंगे। कार्यक्रम के द्वितीय भाग में पैंतालीस मिनट तक साहित्यकार की श्रेष्ठ रचनाओं का पाठ होगा। इससे कई नए बाल साहित्यकारों को सृजन हेतु उचित प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
साक्षात्कार वरिष्ठ साहित्यकार श्री गोकुल सोनी द्वारा लिया जाएगा एवं इसके प्रचार प्रसार अधिकारी सुप्रसिद्ध गीतकार श्री मनोज जैन मधुर होंगे, जो इसकी वीडियो रिकार्डिंग उनके प्रसिद्ध एवं पुरस्कृत पटल “वागर्थ” पर, अखबारों में एवं अन्य साधनों द्वारा देशव्यापी प्रचार प्रसार करेंगे।
कार्यक्रम के संयोजक तथा बाल साहित्य एवं बाल कल्याण शोध केंद्र के निदेशक श्री महेश सक्सेना ने सभी बाल साहित्यकारों एवं साहित्य प्रेमियों तथा मीडिया कर्मियों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सहयोग का निवेदन किया है।
ज्ञातव्य हो कि इस श्रृंखला का पहला साक्षात्कार देंगे डॉ विकास दवे, बाल साहित्यकार एवं निदेशक साहित्य अकादमी भोपाल। कार्यक्रम दिनांक २२, बुधवार को बाल साहित्य शोध केंद्र में अपरान्ह ३.३० बजे से होगा। सभी साहित्य प्रेमी जन पधारकर कार्यक्रम को सफल बनाए।
महेश सक्सेना
निदेशक,
बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र, भोपाल

