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त्विषा शर्मा मौत: 100 साल की मां की देखभाल के आधार पर मांगी जमानत, गिरिबाला सिंह की याचिका पर सुनवाई आगे बढ़ी

राजधानी भोपाल के हाईप्रोफाइल त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में भोपाल केंद्रीय जेल में बंद सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई कर रही मजिस्ट्रेट के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई।

गिरिबाला सिंह ने अपनी जमानत अर्जी में 100 वर्षीय मां की देखभाल को आधार बनाया है। उन्होंने आवेदन में कहा है कि उनकी मां की उम्र 100 वर्ष है और उनकी देखभाल के लिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए। हालांकि, त्विषा शर्मा के परिजन इस मांग का विरोध करने की तैयारी में हैं। सुनवाई के दौरान उनके वकील अदालत में यह पक्ष रखेंगे कि गिरिबाला सिंह की मां कभी उनके साथ नहीं रहीं, इसलिए इस आधार पर जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
चोरी और सुरक्षा का भी दिया हवाला
गिरिबाला सिंह ने अपनी जमानत अर्जी में कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित घर में हुई चोरी की घटना का भी उल्लेख किया है। 28-29 जून की दरमियानी रात हुई इस चोरी में उन्होंने करीब 25 लाख रुपये के सामान और नकदी चोरी होने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस ने गुना से पारदी गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। सिंह का कहना है कि घर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए भी उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, मामले के दूसरे आरोपी और त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह की ओर से फिलहाल कोई नई जमानत अर्जी दाखिल नहीं की गई है।12 मई को हुई थी त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार, 12 मई की रात गिरिबाला सिंह की बहू त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। 14 मई को कटारा हिल्स थाना पुलिस ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद गिरिबाला सिंह ने भोपाल की निचली अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे 15 मई को अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी ने मंजूर कर लिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए त्विषा शर्मा के परिजनों ने हाई कोर्ट का रुख किया। 27 मई को हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत रद्द कर दी।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद 28 मई को सीबीआई ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया। पूछताछ पूरी होने के बाद 2 जून को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तब से दोनों भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं

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