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आपदा में अवसर: 9.5 घंटे थमी रही लुटियंस दिल्ली की रफ्तार, ऑटो और कैब वालों की चांदी; 30 की जगह वसूले 100 रुपये

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन का असर राजधानी में बुधवार को केवल जंतर-मंतर तक सीमित नहीं बल्कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने केंद्रीय दिल्ली के सेवा तीर्थ, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग समेत 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद करने का नोटिस जारी कर दिया। हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रही। करीब साढ़े नौ घंटे तक लुटियंस दिल्ली की रफ्तार थम गई। हालांकि शाम 6:34 पर डीएमआरसी ने सभी स्टेशन दोबारा यात्रियों के लिए खोल दिए, जिसके बाद हालात सामान्य हो सके।हजारों यात्री हुए परेशान
सुबह करीब नौ बजे से ही स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई थी। इस दौरान ट्रेनों का संचालन जारी रहा, लेकिन वे बंद स्टेशनों पर नहीं रुकीं। नतीजतन हजारों यात्रियों को अपने गंतव्य से आगे उतरना पड़ा और फिर सड़क मार्ग से वापस लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी केंद्रीय दिल्ली स्थित सरकारी मंत्रालयों, निजी कार्यालयों, अदालतों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में आने-जाने वाले लोगों को हुई। सुबह आठ से दस बजे के बीच मेट्रो में सबसे अधिक भीड़ रहती है। कई लोग स्टेशन पहुंचने के बाद ही जान सके कि स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद उन्हें बस, ऑटो, ई-रिक्शा और कैब का सहारा लेना पड़ा।
नहीं मिली समय पर जानकारी
यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय रहते स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। कई लोगों का कहना था कि वे मेट्रो के अंदर ही फंस गए क्योंकि ट्रेनें उनके गंतव्य स्टेशन पर नहीं रुकीं। यलो लाइन पर यात्रा कर रहे एक यात्री ने बताया कि दिल्ली गेट से खान मार्केट के बीच किसी भी स्टेशन पर उतरने की अनुमति नहीं दी गई। पहले सूचना मिलती तो वे वैकल्पिक मार्ग चुन सकते थे।
ऑटो और कैब चालकों ने उठाया फायदा
स्टेशन बंद होने के कारण ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने सबसे ज्यादा फायेदा उठाया। यात्रियों का आरोप है कि 30 से 40 रुपये के सामान्य किराये के बदले 100 से 150 रुपये तक मांगे गए। कई लोगों ने मजबूरी में अधिक किराया देकर यात्रा की, जबकि कुछ पैदल ही निकल पड़े। ऑनलाइन कैब सेवाएं भी दबाव में आ गईं। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ कैब बुक करने से कई जगह वाहन उपलब्ध नहीं हुए। जहां कैब मिली भी, वहां सर्ज प्राइसिंग के कारण किराया कई गुना बढ़ गया। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा और कुछ मामलों में चालक ने बुकिंग भी रद्द कर दी। मेट्रो स्टेशनों के बंद होने का सीधा असर बस सेवाओं पर भी पड़ा। डीटीसी और क्लस्टर बसों में क्षमता से अधिक यात्री सवार हुए।
तीन दिन में दूसरी बार बंद हुए स्टेशन
यह तीन दिन के भीतर दूसरी बार है जब प्रदर्शन के चलते राजधानी के प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े। लगातार दूसरी बार हुई इस कार्रवाई से नियमित यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन यात्रियों को पहले से पर्याप्त सूचना और वैकल्पिक परिवहन की बेहतर व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
लोगों के बयान
बीते एक घंटे से मेट्रो स्टेशन पर बैठा हूं। मुझे लक्ष्मी नगर जाना था। मेट्रो से तो सीधा रास्ता था, लेकिन अब समझ नहीं आ रहा घर कैसे जाऊं। -आतिफ, लक्ष्मी नगर निवासी
शाम को दफ्तर से निकलकर मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पहुंचा तो पता चला कि स्टेशन बंद है। इसके बाद पटेल चौक मेट्रो स्टेशन तक पैदल जाना पड़ा। -दिवान, आनंद विहार निवासी
दिनभर काम करने के बाद जल्दी घर पहुंचना था, लेकिन स्टेशन बंद होने के कारण काफी परेशानी हुई। ऑटो का किराया भी सामान्य दिनों से ज्यादा हो गया। -राहुल, शिव विहार निवासी
हमें पहले से कोई जानकारी नहीं थी। स्टेशन पहुंचने के बाद पता चला कि वो बंद है। अगर पहले सूचना मिल जाती तो वैकल्पिक रास्ता चुन सकते थे। -सोरव, द्वारका मोड़ निवासी

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