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अन्ना हजारे ने PM मोदी को लिखा पत्र: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से दुखी, शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा

अन्ना हजारे ने अपने पत्र में यह भी कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होगी. बल्कि इससे दूसरे मंत्रियों को जवाबदेही के बारे में एक मजबूत संदेश जाएगा और शासन में सुधार आयेगा. हजारे का यह पत्र ऐसे समय में आया है जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही हैं.

मंत्री के इस्तीफे से दूसरे मंत्रियों को जाएगा साफ संदेश : हजारे

अन्ना ने चिट्ठी में कहा, ‘‘अगर जवाबदेही तय की जाए और किसी मंत्री का इस्तीफा लिया जाए, तो सरकार सत्ता नहीं गंवायेगी. बल्कि, इससे दूसरे मंत्रियों को एक साफ संदेश जाएगा कि अगर वे अपने विभागों की जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभाते हैं, तो उन्हें भी अपने पद छोड़ने पड़ सकते हैं. इससे सरकार का कामकाज ज्यादा जवाबदेह और असरदार बनेगा.’’

युवा पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में देरी और बेरोजगारी से चिंतित हैं : अन्ना

अन्ना ने कहा, “देश के लाखों युवा परीक्षा के पेपर लीक होने, भर्ती प्रक्रिया में देरी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर चिंतित हैं. इन चिंताओं को केवल कानून-व्यवस्था के मामले के तौर पर नहीं, बल्कि जनता के आक्रोश की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए.”

अन्ना हजारे की पीएम मोदी को चिट्ठी, फोटो एक्स
अन्ना हजारे की पीएम मोदी को चिट्ठी, फोटो एक्स

अच्छे नतीजों का श्रेय सरकार लेती है और गड़बड़ी पर अधिकारियों पर गिरती है गाज : अन्ना

हजारे का यह भी कहना था कि जब भी कोई गड़बड़ी या घोटाला सामने आता था, तो अक्सर जिम्मेदारी सिर्फ निचले स्तर के अधिकारियों पर डाली जाती है, जबकि अच्छे नतीजों का श्रेय सरकार ले लेती है. उन्होंने कहा कि असल जिम्मेदारी तो ऊंचे पदों पर बैठे लोगों की होती है.

जनता की आवाज को राजनीतिक विरोधियों की आवाज न समझें : अन्ना

अन्ना ने कहा, “लोकतंत्र में टकराव के बजाय बातचीत हमेशा बेहतर होती है. जनता की आवाज को राजनीतिक विरोधियों की आवाज न समझें.”

 

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