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सिक्किम सुरंग हादसे में सभी 25 श्रमिकों की मौत, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग से सभी 25 श्रमिकों के शव बरामद कर लिये गये हैं. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. एनएचपीसी की तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग सोमवार अपराह्न एक बजे के कुछ देर बाद ढह गयी थी. उस समय सुरंग में 25 श्रमिक मौजूद थे. ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के बचाव दल के सदस्य केके रॉय ने बताया कि लगातार 72 घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद सभी शव बरामद कर लिये गये हैं.

बंगाल के 4 श्रमिकों की हुई पहचान

इससे पहले, नामची के पुलिस अधीक्षक सोनम डी भूटिया ने मंगलवार को कहा था- सुरंग में फंसे 25 लोगों में से 20 की मौत की पुष्टि हो चुकी है. बुधवार तक 8 शवों की पहचान की जा चुकी थी. इनमें 4 श्रमिक पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के थे. पंजाब, उत्तराखंड, असम और सिक्किम का एक-एक श्रमिक था.

झारखंड के भी 4 श्रमिक कर रहे थे काम

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि झारखंड के खूंटी, हजारीबाग और पश्चिम सिंहभूम जिलों के भी कम से कम 4 श्रमिक परियोजना में काम कर रहे थे.

मृतकों के लिए मुआवजे का ऐलान

  • एनएचपीसी ने हादसे में मारे गये प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को 5-5 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की बुधवार को घोषणा की.
  • सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मंगलवार को हादसे में मारे गये प्रत्येक श्रमिक के निकटतम परिजन को 4-4 लाख रुपए और प्रत्येक घायल को 50-50 हजार रुपए अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2-2 लाख रुपए और प्रत्येक घायल को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.

 

बंगाल के मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 16-16 लाख

पश्चिम बंगाल के जिन श्रमिकों की मौत हुई है, उन्हें 5-5 लाख रुपए का मुआवजा राज्य सरकार देगी. बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को ही इसका ऐलान किया था. इस तरह बंगाल के मृतक श्रमिकों के निकट परिजनों को कुल 16-16 लाख रुपए मिलेंगे. बंगाल सरकार परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देगी.

चट्टानों में फंसी मीथेन गैस की वजह से हुआ विस्फोट

एनएचपीसी के एक बयान के अनुसार, चट्टानों के भीतर फंसी संदिग्ध मीथेन गैस के अचानक बाहर निकलने से विस्फोट हुआ, जिसके कारण सुरंग में घना धुआं और जहरीली गैसें फैल गयीं.

 

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