आवासीय जमीन पर कमर्शियल उपयोग के खिलाफ नोटिस का विरोध
भोपाल चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज ने की मिक्स लैंड यूज की मांग

भोपाल, भोपाल नगर निगम आवासीय परिसर में कमर्शियल गतिविधियां चलाने वाले व्यापारियों को नोटिस जारी किया है। नगर निगम ने निर्देश दिया है कि रेसीडेंसियल लैंड में कमर्शियल उपयोग 10 दिन के अंदर बंद करें। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के पदाधिकारियों ने स्थायी समाधान होने तक निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। भोपाल चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने भोपाल के प्रमुख मार्गों व इलाकों में मिक्स लैंड यूज की व्यवस्था लागू किए जाने की बात कही है। गोयल ने बताया कि नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा ने 17 जुलाई से व्यापारियों को नोटिस जारी कर मात्र 10 दिन के भीतर अपनी व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने अथवा उन्हें पूर्णतः आवासीय स्वरूप में परिवर्तित करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय हजारों व्यापारियों एवं उनसे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेगा।
नये मास्टर प्लान की मांग
बीसीसीआई के अध्यक्ष गोयल ने बताया कि भोपाल विकास योजना (मास्टर प्लान) का अंतिम प्रकाशन वर्ष 2005 में हुआ था। इसके बाद नया मास्टर प्लान आज तक लागू नहीं हुआ है। इस वजह से शहर के अनेक क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों के अनुरूप पर्याप्त कमर्शियल भूखंड उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। ऐसी परिस्थितियों में 10 नंबर मार्केट, अरेरा कॉलोनी, 11-12 नंबर मार्केट, 1100 क्वार्टर्स, सहयोग विहार, बावड़ियाकलां, रोहित नगर सहित नए भोपाल के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर हजारों व्यापारी वर्षों से आवासीय भूखंडों से ही अपने व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में अस्पताल, बैंक, क्लीनिक, शोरूम एवं अन्य सेवा प्रदाता संस्थान वर्षों से संचालित होकर नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यह भी महत्वपूर्ण है कि सभी व्यवसायी नियमित रूप से नगर निगम को व्यावसायिक दर से संपत्ति कर, मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी को कमर्शियल दर से विद्युत शुल्क और शासन द्वारा निर्धारित अन्य समस्त करों एवं शुल्कों का भुगतान कर रहे हैं। इससे शासन को करोड़ों रुपये का नियमित राजस्व प्राप्त हो रहा है।

