हेल्थ

डायबिटीज के मरीज मूंग खाना ना छोड़ें, चना और ये दालें शुगर को रखती हैं कंट्रोल

अनियमित जीवनशैली की वजह से आप भारत की एक बड़ी आबादी मोटापा और डायबिटीज से ग्रसित हैं। हालांकि, डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि लाइफस्टाइल और डाइट में मामूली बदलाव किए जाए तो आसानी से इन दोनों ही समस्याओं को कंट्रोल किया जा सकता है। लंच या टी ब्रेक में अनहेल्दी स्नैक्स खाने या घर जाते में टिक्की, बैड पकोड़ा और मोमोज खाने की आदत से ब्लड शुगर में इजाफा हो सकता है। ऐसे में ब्लड शुगर या डायबिटीज के मरीजो को घर में बनने वाली दालों को खाने की सलाह दी जाती है। दरअसल, इन दालों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा महसूस कराती है और यह हेल्दी भी होती है। आगे जानते हैं कि डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए आपको कौन सी दालों को डाइट में शामिल करना चाहिए।

डायबिटीज में दालें क्यों हैं फायदेमंद?

दालों में जटिल कार्बोहाइड्रेट, पौध-आधारित प्रोटीन और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। फाइबर भोजन के पाचन और ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता। एनसीबीआई के अनुसार कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली दालें खाने से टाइप 2 डायबिटीज मरीजों में ग्लाइसेमिक कंट्रोल बेहतर हो सकता है।

डायबिटीज में मूंग दाल के फायदे

dal for​ diabetes<br>डायबिटीज में कौन सी दाल खाएं (Designed By Magnific)

जनरल ऑफ आयुर्वेद एंड इंटिग्रेटेड ऑफ मेडिकल साइंस के अनुसार मूंग दाल को सबसे हल्की और आसानी से पचने वाली दालों में गिना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। मूंग दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे प्रभावित करती है। इसमें मौजूद फाइबर भोजन के बाद ग्लूकोज स्पाइक को कम करने में मदद कर सकता है।

मसूर दाल कैसे करती है ब्लड शुगर कंट्रोल?

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मसूर दाल में फाइबर और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है। यह धीरे-धीरे पचती है, जिससे रक्त में ग्लूकोज का स्तर तेजी से नहीं बढ़ता। स्टडी के अनुसार मसूर जैसी दालें भोजन के बाद ब्लड शुगर प्रतिक्रिया को कम करने में मदद कर सकती हैं। मसूर दाल में आयरन, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकते हैं।

चना दाल का करें सेवन

चना दाल को डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम से मध्यम श्रेणी में आता है। कम GI वाले खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं। स्टडी के अनुसार और अन्य दालें इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।

उड़द दाल खाना है फायदेमंद

उड़द दाल में प्रोटीन, फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। मैग्नीशियम शरीर में ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकता है। एनसीबीआई के अनुसार उड़द दाल का सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मदद मिलती है।

डायबिटीज में खाएं अरहर दाल

इसके अलावा अरहर दाल में पोटैशियम और फोलेट भी पाया जाता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। रिसर्च गेट की रिसर्च के अनुसार अरहर दाल (pigeon pea) ब्लड शुगर को नियमित रखने में मदद करती है।

मूंग दाल, मसूर दाल, चना दाल, उड़द दाल और अरहर दाल डायबिटीज मरीजों के लिए पौष्टिक विकल्प मानी जाती हैं। इनमें मौजूद फाइबर, प्रोटीन और कम ग्लाइसेमिक प्रभाव ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, दालों का सेवन सही मात्रा और संतुलित आहार के साथ करना जरूरी है। यदि आप डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार डाइट प्लान बनाने के लिए डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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