ओशो प्रेमियों ग्रुप विदिशा के द्वारा गुरु पूर्णिमा पर्व के अवसर पर रखे गए रंगारंग कार्यक्रम: भक्ति, ध्यान और संगीत के साथ मनाया पावन पर्व


विदिशा/ संस्कारधानी विदिशा में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर पूरा शहर भक्ति, योग और ध्यान के रंगों में सराबोर नज़र आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल सावरकर बाल विहार स्थित योगा कक्ष में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
प्रातःकालीन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं पूर्व लायंस अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी उपस्थित साधकों और गुरुभक्तों ने महान दार्शनिक आचार्य श्री रजनीश ‘ओशो’, योग महर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज एवं जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया तथा उनके चित्र पर माल्यार्पण व पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुख्य प्रशिक्षक श्री शिवचरण साहू जी, ओशो ध्यान केंद्र के संचालक श्री रामस्वरूप आर्य जी, आदि का सहयोगी प्रशिक्षक श्री कमल गिरी गोस्वामी जितेंद्र सिंह राजपूत साधकों सहित उपस्थित सभी लोगोंने फूल-माला, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
सत्र के दौरान मुख्य अतिथि श्री सोनी जी ने अपने संबोधन में गुरु पूर्णिमा आषाढ़ पूर्णिमा को ही क्यों मनाई जाती है इस पर ओशो के काव्यात्मक एवं आध्यात्मिक विचारों से लोगों को अवगत कराया ।उपस्थित योग शिक्षकों और साधकों ने मानव जीवन में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला तथा नियमित योग से होने वाले शारीरिक व मानसिक लाभों के अपने अनुभव साझा किए। अंत में श्री रामस्वरूप आर्य जी ने सभी उपस्थित साधकों का आभार व्यक्त किया
दिन चढ़ने के साथ ही भक्ति और ध्यान की यह लहर और भी गहरी हो गई। संध्या समय ओशो संन्यासियों से समृद्ध रामचरण आर्य परिवार के निवास पर एक भव्य भजन, कीर्तन एवं ध्यान संध्या का आयोजन किया गया।
यहाँ पुनः लोगों के निवेदन पर मुख्य अतिथि श्री सोनी ने गुरु पूर्णिमा पर ओशो के विचारों से लोगों को ओतप्रोत किया।ओशो के विचारों और सुमधुर भजनों की ऐसी अविरल गंगा बही कि उपस्थित सभी ओशो प्रेमी भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते नज़र आए।
इस आध्यात्मिक संध्या में विदिशा की प्रख्यात गायिका सौम्या शर्मा ने अपनी सुरीली और भावपूर्ण संगीतमय प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। श्री राम चरण आर्य सन्यासी गुरु को उनकी शिष्याओं ईशा नेमा, लाडू नेमा एवं अक्षत जैन के द्वारा एक अभिनंदन पत्र भेंट किया गया।
इस पूरे आयोजन के दौरान नगर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं साधक उपस्थित रहे। मुख्य रूप से रामचरण आर्य, पंकज आर्य (साक्षी), दिनेश कावरा, योगेंद्र राणा, विनोद श्रीवास्तव, अमिताभ शर्मा, मनोज जैन, नरेंद्र स्वामी, राजकुमार जैन, बलवंत सिंह, स्वामी अंतर सागर, स्वामी प्रेम अविनाशी, मां क्षमा, मां सीमा, मां दीपाली, श्रीमती माँ भारती, श्रीमती वंदना श्रीवास्तव, श्रीमती कौर मैडम, श्रीमती अग्रवाल मैडम सहित बड़ी संख्या में योग साधक और ओशो प्रेमी उपस्थित थे।


