चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या करने पर मां को दोहरा आजीवन कारावास, पानी की टंकी में डुबोकर मारा था

करीब डेढ़ वर्ष पहले अपनी चार माह के जुड़वा बच्चों की पानी की टंकी (ड्रम) में डुबोकर हत्या करने के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने बच्चों की मां पम्मी उर्फ मुस्कान को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्य छिपाने के मामले में उसके पति आमिर कुरैशी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी पम्मी उर्फ मुस्कान अपने पति आमिर कुरैशी तथा चार-चार माह के जुड़वा बच्चों हसन व फातिमा के साथ वेदव्यास कॉलोनी नंबर-4, मदीना मस्जिद के पीछे, सूचनाकर्ता इरशाद कुरैशी के दो मंजिला मकान के ऊपरी हिस्से में किराये से रहती थी। 20 नवंबर 2024 की दोपहर आवाज आने पर पड़ोसी सुल्तान कुरैशी व अक्को मुस्कान के घर की छत पर पहुंचे तो दोनों बच्चे पानी की प्लास्टिक की टंकी में गिरे हुए मिले और उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर माणकचौक पुलिस ने जांच शुरू की।
मकान मालिक इरशाद कुरैशी ने पुलिस को बताया कि दोपहर करीब ढाई बजे सामने रहने वाले साबिर ने उन्हें बताया कि मुस्कान अपने दोनों बच्चों के साथ घर में थी। तभी अंदर से आवाज आई कि हसन व फातिमा पानी के ड्रम में गिर गए हैं। पड़ोसी सुल्तान कुरैशी और अक्को ने ऊपर जाकर देखा तो दोनों बच्चे पानी के ड्रम में पड़े थे। इसी बीच मुस्कान का पति आमिर और उसका दोस्त बिलाल भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों बच्चों को ड्रम से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।बिना पोस्टमार्टम के दफना दिया था
मुस्कान का पति आमिर अपने दोस्त बिलाल के साथ दोनों मृतक बच्चों के शव अपने पिता के घर कुरैशी मंडी, शेरानीपुरा ले गया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई और दोनों बच्चों को बिना पोस्टमार्टम कराए मिल्लतनगर के पास नूरानी कब्रिस्तान में दफना दिया गया। तत्कालीन एसआई दीपक डामोर ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान तहसीलदार की उपस्थिति में कब्र खोदकर दोनों बच्चों के शव निकलवाए गए और उनका पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चों की मौत पानी में डूबने से होना पाया गया।एक-एक कर ड्रम में डुबोया था बच्चों को
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी मुस्कान व उसके पति आमिर से पूछताछ की। मुस्कान ने बताया कि वह अपने जुड़वा बच्चों हसन व फातिमा तथा सबसे बड़ी बेटी अक्सा के साथ रहती थी। पति की रिश्तेदारी में किसी का निधन होने पर घटना से कुछ समय पहले उसकी सास घर आई थी। जब पति व सास घर से जा रहे थे तो मुस्कान ने पति से कहा था कि “तुम मत जाओ, यहीं रुक जाओ, क्योंकि मैं दोनों जुड़वा बच्चों को अकेले नहीं संभाल पाऊंगी।”
लेकिन पति आमिर और उसकी सास ने उसकी बात नहीं मानी। इससे मुस्कान बहुत नाराज हो गई और उसने सोचा कि दोनों बच्चों को खत्म कर देती हूं तो समस्या ही खत्म हो जाएगी। उस समय बेटा हसन जमीन पर लेटा हुआ था तथा बेटी फातिमा झूले में थी। मुस्कान ने हसन को उठाकर पानी की टंकी में डुबो दिया। इसके बाद भी वह नहीं रुकी और फातिमा को भी झूले से निकालकर टंकी में डाल दिया। इसके बाद उसने पति को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने साक्षियों के कथनों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मुस्कान और आमिर के विरुद्ध माणकचौक थाने में हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का प्रकरण दर्ज किया16 साक्षी पक्षद्रोही हुए, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 24 साक्षियों को पेश किया, जिनमें से 16 साक्षी पक्षद्रोही हो गए। उक्त प्रकरण का विचारण अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय में किया गया। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया।
सुनवाई के बाद शुक्रवार को अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने फैसला सुनाते हुए आरोपी मां पम्मी उर्फ मुस्कान को दोनों बच्चों की हत्या के मामले में दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। वहीं, आरोपी आमिर को साक्ष्य छिपाने के मामले में तीन वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने की।


