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शिक्षिका संध्या हत्याकांड: 10वीं पास आरोपी ने डेढ़ महीने पहले खरीदा था चाकू, घर का सबसे छोटा बेटा है आरोपी

फरीदाबाद के सिकरौना स्थित सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिका संध्या की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस जांच में कई नए खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अमित (21) गांव में दूध बेचने का काम करता था और शिक्षिका से एकतरफा प्यार करता था। आरोपी केवल दसवीं कक्षा तक ही पढ़ा-लिखा है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल रसोई का चाकू बरामद कर साक्ष्य के तौर पर कब्जे में ले लिया है। मंगलवार को अदालत में पेश कर पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर हासिल किया है। आरोपी अमित ने शिक्षिका की हत्या की साजिश काफी पहले ही रच ली थी।

योजना के तहत उसने करीब डेढ़ से दो महीने पहले गौंछी बाजार से रसोई में इस्तेमाल होने वाला चाकू खरीदा था। इसी चाकू से उसने वारदात को अंजाम दिया। वह लगातार संध्या को अकेले घेरने का मौका तलाश रहा था। सोमवार को पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।

जांच में सामने आया कि आरोपी अमित गांव में ही डेयरी चलाता है। उसकी डेयरी में करीब 10 से 12 गाय-भैंस हैं और वह सुबह-शाम दूध बेचने का काम करता था। आरोपी के परिवार में उसके दो बड़े भाई और एक बहन हैं, जिनमें अमित सबसे छोटा बेटा है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि तीन दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से हत्या की साजिश, घटना से पहले की गई रेकी और अन्य मुख्य पहलुओं पर गहनता से पूछताछ की जाएगी।

दूध बांटने के बाद कत्ल के इरादे से ही घर से निकला था आरोपी 
गांव कोट निवासी अमित सोमवार सुबह रोजाना की तरह दूध बांटने का काम पूरा करने के बाद घर से इसी इरादे से निकला था कि वह संध्या की हत्या करके ही लौटेगा। वह पिछले कई दिनों से संध्या की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था लेकिन संध्या का पति विक्की रोजाना उन्हें बाइक से स्कूल छोड़ने और लेने आता था। पति के साथ होने के कारण आरोपी को हमला करने का मौका नहीं मिल पा रहा था। सोमवार को जैसे ही उसे संध्या के अकेले बाहर आने का अवसर मिला, उसने वारदात को अंजाम दे दिया।शुरुआती जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने महज 32 सेकंड के भीतर संध्या पर चाकू से बीस से ज्यादा ताबड़तोड़ वार किए। इनमें से करीब 10 वार सीधे गर्दन और उसके आसपास के संवेदनशील हिस्सों पर किए गए थे। इसके अलावा अधिकांश घाव छाती और पेट पर पाए गए हैं। अत्यधिक खून बह जाने के कारण शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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