गौ अभ्यारण्य और गौधाम को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण केन्द्र बनाएं – उप मुख्यमंत्री गौधाम के विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें – उप मुख्यमंत्री

भोपाल 06 अगस्त 2026. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में बसामन मामा गौ अभ्यारण्य तथा हिनौती गौधाम के विकास कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक गौशालाएं निराश्रित और बीमार गौवंश को आश्रय देने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती का संदेश दे रही हैं। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में प्राकृतिक खेती का सफल माडल विकसित किया गया है। हिनौती गौधाम में भी प्राकृतिक खेती के माडल का विकास करें। गौ अभ्यारण्य और गौधाम को प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण और शोध का केन्द्र बनाएं। हम सबको स्वस्थ रहने के लिए प्राकृतिक खेती को ही अपनाना होगा। भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए प्राकृतिक खेती ही अंतिम उपाय है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा गौ अभ्यारण्य तथा हिनौती गौधाम की प्रदेश भर में चर्चा हो रही है। इनके विकास से जुड़े कार्यों को तय समय-सीमा में कराएं। एसडीएम सिरमौर निर्माण कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें तथा निर्माण एजेंसियों को कार्य के मूल्यांकन के अनुसार भुगतान कराएं। बसामन मामा मोड़ से गौ अभ्यारण्य तक सड़क के दोनों ओर 30 अगस्त को पीपल के पौधे रोपित किए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग को 25 लाख रुपए की राशि आवंटित कर दी गई है। हिनौती गौधाम को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू कराएं। गौधाम में आसपास के किसानों की किसान संगोष्ठी आयोजित करके उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करें। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों का भी प्राकृतिक खेती के विकास में सहयोग लें।
बैठक में एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल ने बताया कि दोनों गौशालाओं में निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। निर्माण एजेंसियों को नियमित रूप से भुगतान किया जा रहा है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के उपयंत्री के अस्वस्था होने के कारण दो कार्यों के भुगतान में समय लगा है। इसका भुगतान शीघ्र ही कर दिया जाएगा। बैठक में श्री राजेश पाण्डेय ने हिनौती गौधाम में मुनगा के 500 पौधे रोपित करने का सुझाव दिया। बैठक में जनपद अध्यक्ष गंगेव विकास तिवारी, अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, परियोजना अधिकारी जिला पंचायत डॉ. संजय सिंह, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा बीडी कोरी, उप संचालक पशुपालन डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह, एसडीओ वन तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




