
भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के योग विभाग द्वारा ‘RNTU योग उत्कृष्ट सम्मान समारोह–2026’ और ‘एक दिवसीय योग संवाद’ का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्ल्ड योगासन चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभिन्न पदक जीतकर लौटे मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा रहे। साथ ही अखंड औषधालय के संस्थापक डॉ. चंद्रशेखर तिवारी, सेवानिवृत्त IPS वेदप्रकाश शर्मा और विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आर पी. दुबे भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले युवा खिलाड़ियों को विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि, कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण के लिए ‘RNTU योग उत्कृष्ट सम्मान–2026’’ प्रदान किया गया।
विश्वविद्यालय द्वारा खिलाड़ियों का सम्मान करना युवा पीढ़ी को योगासन खेलों के प्रति प्रेरित करने तथा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही। कार्यक्रम में भोपाल के योग गुरुओं एवं योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ‘योग योद्धा अवॉर्ड’ एवं ‘योग कर्मवीर अवॉर्ड’ के माध्यम से उनके योगदान को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ‘एक दिवसीय योग संवाद’ में विशेष अतिथियों एवं योग क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों के बीच योग के वर्तमान स्वरूप, युवाओं में योग की भूमिका, योग शिक्षा एवं अनुसंधान, योगासन खेलों की संभावनाओं तथा योग को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का विश्व को दिया गया अमूल्य उपहार है। आज योग केवल स्वास्थ्य एवं जीवनशैली का माध्यम नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों एवं योग गुरुओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सम्मान युवाओं को योग एवं योगासन खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
वहीं विशिष्ट अतिथि डॉ. चंद्रशेखर तिवारी ने योग एवं भारतीय पारंपरिक ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए योग को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही वेदप्रकाश शर्मा ने भी योगासन खेलों के विकास एवं खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों की सफलता योगासन खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने अपने उद्बोधन में योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय योग शिक्षा, शोध एवं खेलों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों एवं योग गुरुओं को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में योग विभागाध्यक्ष डॉ. रत्नेश पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक अखिलेश विश्वकर्मा, निखिल मोदी सहित योग विभाग के शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी, योग गुरु, खिलाड़ी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।



