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जल, जंगल और जमीन रहेगी तभी बचेंगे ट्राइबल और टाइगर – शरद कुमरे
विश्व के जनजाति जनों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया

राजधानी भोपाल में 9 अगस्त को विश्व के जनजाति जनों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया। टीटी नगर दशहरा मैदान सहित कई जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिली। जनजातीय समाज के वरिष्ठ समाजसेवी सेवी शरद कुमरे ने कहा कि 9 अगस्त को हर साल आदिवासी जनजाति समाज के लोग वर्ल्ड इंडिजीनियस डे यानी विश्व आदिवासी दिवस मनाते हैं। आज के दिन आदिवासी समाज के लोग इकट्ठा होते हैं और वो जिन समस्या और चुनौतियों का सामना करते हैं उनका निदान करने की बातें करते हैं । शरद कुमरे ने कहा कि बुद्धिजीवियों के लिए से हमारा यही एक संदेश है कि यदि जल, जंगल जमीन को बचाना है तो आदिवासियों को बचाना होगा । उन्होंने कहा यदि जैसे हम टाइगर को बचाने की बात करते हैं तो वैसे ही हमें ट्राइबल्स को भी बचाने की आवश्यकता है।




