अमर शहीद भगवती प्रसाद बारी को श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय योद्धा बारी कल्याण के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण वर्मा एवं राष्ट्रीय महासचिव संजय बारी ने बारी समाज के अमर शहीद भगवती प्रसाद बारी उम्र 24 वर्ष को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बताया कि अंग्रेजी शासन के विरुद्ध भारतवर्ष की स्वतंत्रता संग्राम के लिए “करो या मरो आंदोलन” 13 अगस्त 1942 को बारी समाज के प्रयागराज के वीर सपूत महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगवती प्रसाद बारी जी ने मात्र 24 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च सशरीर न्योछावर कर “अमर शहीद” होने का दर्जा प्राप्त कर लिया था।*
महात्मा गांधी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ “करो या मरो आंदोलन” पूरे देश में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल बज चुका था। 13 अगस्त 1942 को भगवती प्रसाद बारी जी अपने एक साथी के साथ हीवेट रोड प्रयागराज के पास अंग्रेजी शासन की संचार व्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से टेलीफोन का तार काटने पहुँचे थे,जहां अंग्रेजी सेना ने उनके इस साहसिक कार्य को रोकने के लिए उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। जहां मौके पर ही साहसी वीर भगवती प्रसाद बारी जी वीरगति को प्राप्त कर “अमर शहीद” हो गए, जबकि उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया था।
उनके इस साहसिक शौर्य और बलिदान को बारी समाज हमेशा याद रखे, उनकी वीरता यह संदेश देती है कि ‘स्वतंत्रता का अमृत’ वीरों की आहुति से ही प्राप्त हुआ है।
प्रेरणा:- बारी समाज के महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगवती प्रसाद बारी जी का जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, साहस और कर्तव्यपरायणता की ओर अग्रसर व प्रेरित करता रहेगा। बारी समाज को उनके अद्वितीय योगदान पर गर्व है और राष्ट्र उन्हें सदैव स्मरण करता रहेगा।
13 अगस्त 1942 का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान की अमर गाथा के रूप में अंकित है।
अमर शहीद भगवती प्रसाद बारी के 84वे शहादत दिवस पर हम सभी राष्ट्रभक्त हृदयतल की गहराइयों से यह प्रेरणा व संकल्प लेते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए देश और समाज की निरंतर सेवा में तत्पर रहेंगे।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए उन सभी देशभक्त व् अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।
अमर शहीद भगवती प्रसाद बारी अमर रहे
🇮🇳जय हिंद जय भारत 🇮🇳 भारत माता की जय इंकलाब जिंदाबाद बारी समाज जिंदाबाद




