नेपाल बाढ़ लाइव: अब तक 675 मौतों की पुष्टि, 2000+ लोग लापता; 120 भारतीय चीन से नेपाल पहुंचे, 287 की तलाश जारी

मृतकों की संख्या 675 पहुंची, राहत-बचाव अभियान जारी
मध्य नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद शनिवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 675 हो गई। वहीं, 2,000 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित सभी आठ जिलों से शव बरामद किए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं और खराब मौसम के बीच लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, भारतीयों की जल्द सुरक्षित वापसी को बताया प्राथमिकता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चिंता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पड़ोसी देश को हरसंभव मानवीय सहायता देने और नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज करने की अपील की। खरगे ने कहा कि इस संकट की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मानवीय प्रतिक्रिया की जरूरत है। उन्होंने सरकार से नेपाल के लोगों तक हरसंभव राहत पहुंचाने के साथ वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने और उनकी जल्द वापसी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इन लोगों की सुरक्षा और जल्द से जल्द देश वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। खरगे ने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत को नेपाल की जनता के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए। साथ ही, उन परिवारों की चिंता को भी समझना चाहिए जो अपने परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि नेपाल में आई आपदा बड़े स्तर पर मानवीय संकट है और इससे निपटने के लिए भारत को अपनी ओर से हर संभव मदद उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर भारतीय नागरिकों के लिए रेस्क्यू और एवैक्यूएशन अभियान तेज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार के राहत प्रयासों के साथ-साथ फंसे हुए भारतीयों को सुरक्षित निकालना तत्काल प्राथमिकता होनी चाहिए।
शशि थरूर ने केंद्र सरकार से क्या मांग की?
नेपाल में कई भारतीय नागरिकों के अब भी संपर्क में नहीं आने के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर राहत और बचाव अभियान को और व्यापक बनाने की मांग की है। थरूर ने केंद्र से पूरी NDRF टीम और भारी क्षमता वाले हेलिकॉप्टर भेजने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मलबे में अब भी लोगों के जीवित होने की संभावना को देखते हुए हर संभव संसाधन तुरंत इस्तेमाल किए जाने चाहिए। उन्होंने सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स को अर्थमूविंग मशीनों के साथ तैनात करने और भारत की ओर से पेश किए गए बेली ब्रिजों की मदद से पसांग ल्हामू हाईवे को फिर खोलने की मांग भी की।
थरूर के मुताबिक, विदेश मंत्रालय की जानकारी के अनुसार करीब 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें भारतीय मूल के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि चीन की तरफ सैकड़ों अन्य लोग फंसे हुए हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री भी शामिल हैं। कांग्रेस सांसद ने प्रभावित इलाकों में ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार, थर्मल इमेजिंग, प्रशिक्षित खोजी कुत्तों और सैटेलाइट तकनीक के इस्तेमाल की मांग की। उन्होंने तिमुरे से रसुवागढ़ी तक के क्षेत्र में लगातार और विशेष बचाव अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ बोले- हरसंभव मदद भेजी जा रही
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड से मची तबाही पर भारत ने चिंता जताई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि नेपाल के संकट को लेकर भारत भी चिंतित है और बाढ़ प्रभावित पड़ोसी देश को राहत सामग्री भेजी जा रही है। नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 669 हो गई है, जबकि करीब 2,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि नेपाल इस संकट से अकेले नहीं जूझ रहा है। भारत हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है और राहत सामग्री लगातार भेजी जा रही है।
नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या पहुंची 669
नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक 669 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। नेपाल सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक लापता लोगों की संख्या 2426 है। प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
चीन से नेपाल पहुंचे 120 भारतीय नागरिक
विदेश मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को 120 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल पहुंचे। इसके साथ ही नेपाल में भारतीय नागरिकों से जुड़ी राहत और बचाव गतिविधियां जारी हैं।




