
इस जन्माष्टमी भगवान कृष्ण की कृपा पाने का सुनहरा मौका है। । अगर आप शुभ प्राप्ति चाहते हैं, तो जन्माष्टमी की पूजा के समय तुलसी स्तुति और मन्त्रों का जप करें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलेगी और वैवाहिक रिश्ते मजबूत होंगे। हालांकि इस पवित्र दिन कुछ गलतियां हैं जो तुलसी से जुड़ी करने पर पूजा का फल कम हो सकता है या नकारात्मक प्रभाव आ सकता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से
तुलसी के बिना अधूरी है जन्माष्टमी की पूजा
भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी बेहद प्रिय है, यही वजह है कि जन्माष्टमी के दिन तुलसी से जुड़े कुछ खास उपाय करना बेहद शुभ साबित हो सकते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन घर में तुलसी का पौधा लगाने से वैवाहिक जीवन में आ रही दिक्कतें दूर हो जाती हैं और दांपत्य जीवन खुशहाल रहता है। श्री कृष्ण को भोग लगाते समय उसमें तुलसी दल जरूर शामिल करें। बिना तुलसी के दल के भगवान भोग स्वीकार नहीं करते।
तुलसी स्तुति मंत्र का जरूर करें पाठ
देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।
तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।
तुलसी माता को चढ़ाएं चुनरी
अगर आप नौकरी या बिजनेस में तरक्की पाना चाहते हैं तो जन्माष्टमी के दिन तुलसी माता को लाल रंग की चुनरी जरूर चढ़ाएं। जन्माष्टमी के दिन मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्री कृष्ण के साथ मां लक्ष्मी की पूजा और आरती भी करें। तुलसी का पौधा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। इसलिए, जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना अवश्य करें और इसके उपायों को अपना सकते हैं।

ना करें तुलसी से जुड़ी ये गलतियां
शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त के बाद तुलसी की पत्तियां नहीं तोड़नी चाहिए। जन्माष्टमी पर पूजा के लिए तुलसी पत्तियां एक दिन पहले या सुबह सूर्योदय से पहले तोड़ लें। भगवान को हमेशा ताज़ी, साफ और पूर्ण पत्तियां ही अर्पित करनी चाहिए। पूजा में सूखी तुलसी डालना उचित नहीं है। तुलसी पत्ते हमेशा ताज़े और स्वच्छ होने चाहिए। तुलसी माता का अपमान होता है यदि गलती से भी पैर तुलसी पर लग जाए। जन्माष्टमी जैसे दिन पर यह और भी अशुभ माना जाता है। तुलसी माता को जल चढ़ाना शुभ होता है। जन्माष्टमी पर तुलसी पर जल अर्पित करके दीपक जलाना अत्यंत पुण्यकारी है।



