स्नेहशलिला माता भगवती देवी शर्मा के 100वें प्राकट्य दिवस 20 सितंबर को मंत्र जाप एवं दीप यज्ञ होगा (कोलार क्षेत्र में 7 दिवसीय ज्ञान यज्ञ विराट पुस्तक मेला लगेगा)

अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका, संरक्षिका पर परम वंदनीय माता भगवती देवी जी की जन्म शताब्दी को “साधना, सेवा एवं सद्भाव दिवस” के रूप में मनाने का मार्गदर्शन शांतिकुंज हरिद्वार से प्राप्त हुआ है। इसी मार्गदर्शन एवं प्रदेश प्रांतीय केंद्र के अनुरूप भोपाल में भी यह दिव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम गायत्री शक्तिपीठ भोपाल पर सभी गायत्री साधक भाई-बहनों के समन्वय, सहयोग एवं सहभागिता से आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर दिनांक 20 सितंबर 2026 को गायत्री शक्तिपीठ भोपाल पर प्रातः 6 बजे से शाम 6 बजे तक अखंड गायत्री महामंत्र जप इसके बाद भव्य दीप यज्ञ के साथ संकल्प पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक एवं मध्यप्रदेश झोन के समन्वयक श्री राजेश पटेल ने बताया कि हम सब परिजन सौभाग्यशाली है जिन्हें माताजी के 100वें प्राकट्य दिवस को मनाने का अवसर मिल रहा है। अतः सभी श्रद्धालु सभी आयोजनों में श्रद्धा भक्ति से भागीदारी करें।
परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा शताब्दी वर्ष -ज्ञान यज्ञ
विराट पुस्तक मेला 21से26सितंबर 2026
(आधी कीमत पर पुस्तकें मिलेंगी)
ब्रह्म भोज में दान करने के सुअवसर का लाभ लीजिए
अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका संरिक्षका परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के उपलक्ष में गायत्री परिवार तहसील कोलार शाखा द्वारा दिनांक 21 से 26 सितंबर 2026 तक आम्रश्री गार्डन कोलार थाने के सामने कोलार रोड भोपाल पर ज्ञान यज्ञ विराट पुस्तक मेला आयोजित किया जा रहा है।
समय प्रतिदिन सुबह 11से रात्रि 8बजे तक।
ब्रह्म भोज में अनुदान का सुअवसर- पतन निवारण ही महाकाल की सच्ची सेवा है। आज मानव के पतन का मूल अज्ञान है और यह अज्ञान मिटेगा सदज्ञान से अतः सद्ज्ञान का प्रचार प्रसार महाकाल की सच्ची आराधना है। अतः गायत्री परिवार द्वारा सद्ज्ञान के प्रचार प्रसार के लिए ब्रह्म भोज योजना के तहत आधी कीमत पर युग सहित उपलब्ध कराया जाएगा 20% राशि प्रकाशक द्वारा और 30% श्रद्धालुओं द्वारा ब्रह्माभोज अनुदान प्राप्त कर संभव हो जाता है। नगर वासियों से अनुरोध है कि जन्मदिन, विवाह दिन आदि शुभ प्रसंगों, पूर्वजों की स्मृतियों , श्राद्ध,प्रतिष्ठानों के नाम पर अनुदान देकर ब्रह्मोभोज करने का शुभ अवसर का लाभ प्राप्त कीजिए।


