शिक्षक संघर्ष समिति ने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर दिया धरना
टीईटी की अनिवार्यता खत्म की जाए- रमेश पाटिल

भोपाल। शिक्षक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के आह्वान पर राजधानी के सेकेंड स्टाप स्थित अंबेडकर ग्राउंड पर तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। धरना प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शासकीय शिक्षक शामिल हुए। शिक्षक संघर्ष समिति के रमेश पाटिल और राकेश दुबे ने कहा कि तीन प्रमुख मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश ने आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने का ऐलान किया है। शिक्षक संघर्ष समिति का कहना है कि मांगों के ठोस निराकरण तक संघर्ष जारी रहेगा। शिक्षक संघर्ष समिति के रमेश पाटिल और राकेश दुबे ने कहा कि हमारी मांग है कि टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षक जिसमें से बहुत से शिक्षक सेवानिवृत्ति के करीब हैं, टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की जा रही है। संघर्ष समिति की मांग है कि मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जाए तथा केंद्र सरकार को भेजा जाए। पाटिल और दुबे ने कहा कि प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना हो। शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि एवं वरिष्ठता की गणना की जाए, ताकि ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, पेंशन सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में वास्तविक सेवा अवधि का लाभ मिल सके। संघर्ष समिति ने शिक्षकों के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था को भी समाप्त करने की मांग की है।


