क्षमावाणी महोत्सव पर्व पर बजरिया जैन समाज समसगढ़ पहुंच कर शांतिनाथ ,अरहनाथ कुंथुनाथ भगवान की जगत शांति के भाव से शांति धारा की गई



क्षमावाणी महोत्सव के अवसर पर 4अक्टूवर रविवार को दोपहर समसंगढ मंदिर परिसर भगवान के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।कार्यक्रम की शुरुआत में अध्यक्ष राजीव पंचरत्न नरेंद्र जैन सुदेश जैन प्रदीप जैन अकिंत जैन जिनेन्द्र सिंघई समस्त कमेटी द्वारा आचार्य श्री चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर चित्र अनावरण किया समसगढ जैन मंदिर में श्रीजी का जलाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन, पूजन, विधान एवं आराधना कर जाने अनजाने में हुई गलतियों की हाथ जोड़कर क्षमा मांगी। क्षमावाणी पर्व के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि क्षमावाणी केवल परंपरा नहीं, बल्कि मन में संचित वैर-विरोध और कटुता को समाप्त कर प्रेम, मैत्री और सद्भाव बढ़ाने का अवसर है। क्षमा, संयम और आत्मीयता को जीवन का हिस्सा बनाना ही पर्व की वास्तविक सार्थकता है।
तपस्वियों का किया सम्मान*v पर्युषण महापर्व के दौरान 10, 8 और 5 दिन के निर्जल उपवास सहित कठिन तप-साधना करने वाले सभी तपस्वियों का समाज की ओर से स्वागत एवं सम्मान किया गया। तपस्वियों की साधना की अनुमोदना करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। शांतिधारा तथा तपस्वियों का सम्मान किया गया।



