सिंदूर चढ़ाने से क्यों प्रसन्न होते हैं बजरंगबली? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा

क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा कब और क्यों शुरू हुई? हमारे धार्मिक ग्रंथों में इस परंपरा का विशेष उल्लेख मिलता है. आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने का असली कारण और इसका महत्व.
हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा क्यों है? हमारे धर्म ग्रंथों में इसका गहरा महत्व बताया गया है. कहा जाता है कि जैसे ही भक्त सच्चे मन से हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करता है, उसके जीवन से सभी संकट दूर हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
इसलिए चढ़ाया जाता है सिंदूर
पुराणों के अनुसार, एक बार माता सीता ने हनुमान जी से पूछा कि उन्होंने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर क्यों लगाया है. तब हनुमान जी ने कहा कि “मां, आप अपने पति श्रीराम की लंबी आयु के लिए माथे पर सिंदूर लगाती हैं, तो अगर मैं पूरे शरीर पर सिंदूर लगाऊं, तो प्रभु श्रीराम की आयु और सुख-शांति हजार गुना बढ़ जाएगी.” यह सुनकर माता सीता बहुत प्रसन्न हुईं और तभी से हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई.
सिंदूर चढ़ाने के लाभ
हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. भक्त यह मानते हैं कि सिंदूर लगाने से हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं. इससे व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मबल और साहस प्राप्त होता है.
संकटों से मिलती है मुक्ति
शास्त्रों के अनुसार, मंगलवार या शनिवार को हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला सिंदूर अर्पित करने से जीवन के सभी कष्ट और भय दूर होते हैं. इसे “संकटमोचक हनुमान” की आराधना का खास तरीका कहा गया है.
सिंदूर चढ़ाने का सही तरीका
हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाते समय पहले स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और मन को शांत रखें. फिर “जय बजरंगबली” या “संकटमोचन हनुमानाष्टक” का पाठ करते हुए सिंदूर अर्पित करें. ध्यान रहे, सिंदूर चढ़ाने के बाद हाथ से मस्तक पर उसका थोड़ा सा तिलक अवश्य लगाएं, यह शुभ माना जाता है.
हनुमान जी को सिंदूर कब चढ़ाना शुभ होता है?
मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाना सबसे शुभ माना जाता है. इन दिनों पूजा करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
क्या महिलाएं हनुमान जी को सिंदूर चढ़ा सकती हैं?
परंपरागत रूप से हनुमान जी को सिंदूर पुरुष भक्त चढ़ाते हैं. महिलाएं श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा या हनुमानाष्टक का पाठ करके पूजन कर सकती हैं, परंतु सीधे सिंदूर अर्पित नहीं करतीं.
क्या हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने के बाद तिलक लगाना चाहिए?
हाँ, माना जाता है कि सिंदूर अर्पित करने के बाद उसका थोड़ा सा तिलक माथे पर लगाने से शुभ फल मिलता है और हनुमान जी की कृपा बनी रहती है.
क्या हनुमान जी को रोज सिंदूर चढ़ाया जा सकता है?
हाँ, यदि आप श्रद्धा और शुद्ध भाव से करना चाहें तो प्रतिदिन भी सिंदूर चढ़ा सकते हैं. हालांकि विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार का दिन इसके लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है.




