एजुकेशनखबरमध्य प्रदेश

उमंग संस्था की 20वीं वर्षगांठ पर राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम और आत्मनिर्भर दिव्यांगजन सम्मान समारोह आयोजित

कला किसी चीज की मोहताज नहीं होती, बस प्लेटफॉर्म और मौके की जरूरत होती है”

भोपाल। कला मोहताज नहीं होती, बस प्लेटफॉर्म और मौके की जरूरत होती है”— इस संदेश को साकार करते हुए उमंग संस्था की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं आत्मनिर्भर दिव्यांगजन सम्मान समारोह में दिव्यांगजनों ने अपने अद्भुत हुनर से सभी को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगजनों के साथ “मन की बात” कार्यक्रम को देखा और सुना। यह पहला अवसर रहा जब राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के साथ इस कार्यक्रम का अनुभव साझा किया।
रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित इस कार्यक्रम में मूकबधिर, दृष्टिहीन, मानसिक एवं शारीरिक दिव्यांग बालक-बालिकाओं ने अपनी प्रस्तुतियों से सभागार को तालियों की गूंज से भर दिया।
जो संगीत सुन नहीं सकते, उन्होंने भी लय पर ऐसा नृत्य प्रस्तुत किया कि दर्शक दंग रह गए। दृष्टिहीन प्रतिभागियों के मधुर गायन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं अन्य प्रतिभागियों ने मंच पर अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया “दिव्यांग” शब्द आज सार्थक होता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन एवं योग्य संस्था का सहयोग मिलने पर व्यक्ति जीवन में हर मुकाम हासिल कर सकता है।
राज्यस्तरीय सम्मान समारोह के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख हैं !

*राज्यस्तरीय सम्मान समारोह के अंतर्गत सुश्री मधु चौधरी अस्थि बाधित प्रशासनिक अधिकारी संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश,श्री पूजा गर्ग अस्थिबाधित राष्ट्रपति अवार्डी अंतरराष्ट्रीय कयाकिंग और केनो खिलाड़ी, श्री अजय कुमार सैनी श्रवण बाधित राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर राजभवन में कार्यरत, श्री प्रखर कुमरावत श्रवण बाधित सूचना प्रणाली अधिकारी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, श्रीमती प्रियंका विश्वकर्मा दृष्टिबाधित शासकीय शिक्षक, सुश्री रुचिका पांडे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम गायक, सुश्री स्तुति नितिन दोशी डाउन सिंड्रोम गेस्ट असिस्टेंट ताज लेक फ्रंट भोपाल, श्री अमन बुंदेल अस्थिबाधित फ्रॉड एनालिस्ट बैंक ऑफ़ अमेरिका ! *उमंग के सितार श्री अमित मुरजानी बौद्धिक दिव्यांग जल संसाधन विभाग विद्युत यांत्रिकी भोपाल,कुमारी प्रिया शर्मा बौद्धिक दिव्यांग जल संसाधन विभाग विद्युत यांत्रिकी विभाग भोपाल, श्री शुभम मेहरा बौद्धिक दिव्यांग जीएसटी डिपार्टमेंट भोपाल !*
कार्यक्रम में लगभग 200 दिव्यांग प्रतिभागियों ने भोपाल एवं आसपास के क्षेत्रों से भाग लेकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
दिव्यांग बच्चों द्वारा उमंग संस्था पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
समारोह में भगवान दास सबनानी, रविंद्र यति, संजीव अग्रवाल एवं किशन सूर्यवंशी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उमंग स्पेशल स्कूल की संस्थापक दीप्ति पटवा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच प्रदान करना है।
उन्होंने कहा, “जोश, जज्बा और हुनर हो तो जिंदगी की हर जंग जीती जा सकती है। कला मोहताज नहीं होती, बस उसमें उमंग के रंग भरने की जरूरत है।”

कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती निर्मला उपाध्याय (संगीत गुरु) एवं राजश्री त्रिवेदी (लेखक-निर्देशक) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में संस्थापक श्रीमती दीप्ति पटवा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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