सनातनी पंचांग संवत 2083 का भव्य विमोचन, बताई गई इसकी विशेष उपयोगिता


भोपाल। बगलामुखी सनातनी पंचांग संवत 2083 का विमोचन शनिवार को पीतांबरा पीठ ट्रस्ट, नेहरू नगर में अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पंचांग के संरक्षक 1008 जगतगुरु रामानुज श्री *रविंद्राचार्य* जी महाराज ने संपादक मंडल का सम्मान करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि पंचांग केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का जीवंत मार्गदर्शक है। उन्होंने विशेष रूप से गणिताचार्य पंडित *विनोद गौतम* द्वारा पंचांग को कैलेंडर स्वरूप में प्रस्तुत किए जाने को एक अभिनव एवं ऐतिहासिक पहल बताया।
संपादक मंडल के अध्यक्ष वेदमूर्ति पंडित *रामकिशोर* वैदिक जी ने पंचांग की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पंचांग आम जनमानस के लिए अत्यंत उपयोगी है और इसमें धर्म, ज्योतिष एवं दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यक जानकारियों को सरल रूप में समाहित किया गया है। *हिंदू उत्सव* समिति के अध्यक्ष पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने इसे सनातन परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में *डा अनिल भार्गव (वायु), प्रदेश महासचिव श्री भृगु भार्गव ब्राह्मण समाज मप्र 1966* पंडित धनेश प्रपन्नाचार्य, पंडित डा *अरविंद* पचौरी, पंडित संतोष राजोरिया, पंडित राम नारायण तिवारी सहित अनेक विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। पीतांबरा पीठ के पीठाधीश जगतगुरु श्री रविंद्र दास जी ने पंचांग को समय की आवश्यकता बताते हुए इसकी उपयोगिता को रेखांकित किया।
इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में कर्मकांडी पंडित, ज्योतिषी, साधु-संत एवं ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सनातनी बगलामुखी पंचांग का प्रकाशन *ज्योतिष मठ संस्थान* , भोपाल द्वारा किया गया। ट्रस्ट की सचिव सुश्री राम त्रिपाठी द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया एवं सभी गणमान्य अतिथियों ने पंचांग के प्रकाशन पर शुभकामनाएं दीं।
सनातनी पंचांग के प्रमुख लाभ 🌼
🔹 शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र एवं योग की सटीक जानकारी
🔹 व्रत, त्योहार एवं धार्मिक पर्वों की सही तिथियों का ज्ञान
🔹 पूजा-पाठ एवं अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय निर्धारण
🔹 राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त एवं अन्य ज्योतिषीय समय का मार्गदर्शन
🔹 विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण आदि संस्कारों हेतु शुभ दिन चयन
🔹 दैनिक जीवन में धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुशासन बनाए रखने में सहायक



