तुम्हारे पाकिस्तान में इतने लोग नहीं, जितने हमारे यहां ईद में बकरे काटे जाते हैं”, बॉर्डर 2 के ट्रेलर ने इंटरनेट हिला दिया


सनी देओल की वॉर-ड्रामा फिल्म ‘बॉर्डर 2’ साल 2026 की सबसे ज्यादा चर्चित और इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यह 1997 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है, जिसने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता था बल्कि भारत में 39.3 करोड़ रुपये की कमाई कर ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर का दर्जा भी हासिल किया था.
अपकमिंग फिल्म में सनी देओल के साथ दिलजीत दोसांझ, वरुण धवन और अहान शेट्टी नजर आने वाले हैं. खास बात यह है कि चारों कलाकार फिल्म में भारतीय सशस्त्र बलों के अधिकारियों के किरदार निभा रहे हैं. फिल्म 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, यानी गणतंत्र दिवस से ठीक तीन दिन पहले. इससे पहले आज, 15 जनवरी को इसका ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है, जिसने देशभक्ति और आक्रोश दोनों भावनाओं को एक साथ झकझोर कर रख दिया है. अगर आप फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं और सोच में हैं कि टिकट लेना चाहिए या नहीं, तो टेंशन छोड़िए यह खबर पूरी पढ़िए और खुद तय कीजिए कि फिल्म पैसा वसूल है या वेस्ट.
3 मिनट 35 सेकंड का दमदार ट्रेलर
‘बॉर्डर 2’ का ट्रेलर T-Series के यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया है, जिसकी लंबाई 3 मिनट 35 सेकंड है. ट्रेलर की शुरुआत बेहद दिलचस्प है, जहां सनी देओल एक फौजी के रूप में दुश्मन के टैंक के सामने निडर खड़े नजर आते हैं. टैंक किसी भी पल चल सकता है, लेकिन उनके चेहरे पर डर नहीं, बल्कि देश के लिए मर-मिटने का जज्बा साफ दिखाई देता है.
इसके बाद बैकग्राउंड में फायरिंग की आवाज गूंजती है और ट्रेलर अगले सीन में शिफ्ट होता है, जहां सनी देओल अपने सिग्नेचर अंदाज में दमदार डायलॉग बोलते हैं. वह कहते हैं कि एक फौजी के लिए बॉर्डर सिर्फ नक्शे पर खींची गई लकीर नहीं होती, बल्कि वह अपने देश से किया गया वादा होती है कि जहां वह खड़ा है, उसके आगे कोई नहीं जाएगा, न दुश्मन, न उसकी गोली और न ही उसका इरादा.
तीनों सेनाओं की झलक और इमोशनल मोमेंट्स
इसी डायलॉग के बीच दर्शकों को दिलजीत दोसांझ (एयर फोर्स ऑफिसर), वरुण धवन (आर्मी ऑफिसर) और अहान शेट्टी (नेवी ऑफिसर) की झलक देखने को मिलती है. धीरे-धीरे सभी लीड एक्टर्स के मोनोलॉग सामने आते हैं, जो उनके किरदारों की गंभीरता और जज्बे को बखूबी दर्शाते हैं.
ट्रेलर के आगे के हिस्से में दिखाया जाता है कि आर्मी, नेवी और एयर फोर्स मिलकर ‘ऑपरेशन चंगेज’ को अंजाम देने की तैयारी करते हैं. साथ ही कुछ इमोशनल फैमिली मोमेंट्स भी दिखाए गए हैं, जहां एक सैनिक देश की रक्षा के लिए अपने परिवार से दूर जाता है. डर, चिंता और भरोसे के बीच वह अपने परिवार को यह दिलासा देता है कि वह लौटेगा, चाहे जीतकर या फिर याद बनकर.



