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चिन्नी हत्याकांड में खुलासा: पाकिस्तान से जुड़े पीयू फायरिंग और चमनप्रीत मर्डर के तार

पंजाब यूनिवर्सिटी में सोपू नेता जशन जवंधा पर फायरिंग और सेक्टर-9 में चमनप्रीत उर्फ चिन्नी हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक दोनों वारदातों में इस्तेमाल हथियार बॉर्डर पार से लाए गए थे और इनके तार पाकिस्तान से जुड़े हो सकते हैं।पंजाब काउंटर इंटेलिजेंस को जांच में शामिल किया गया है, जो आतंकी और क्रॉस बॉर्डर लिंक खंगाल रही है। सूत्रों का कहना है कि आमतौर पर काउंटर इंटेलिजेंस तभी सक्रिय होती है जब किसी मामले में आतंकी कनेक्शन की आशंका हो।

हालांकि, इस पूरे नेटवर्क का खुलासा आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगा। वहीं, चिन्नी मर्डर केस में 13 दिन बीत जाने के बाद भी हथियार सप्लायर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

न्यू चंडीगढ़ से आए थे हथियार
सप्लायर जांच में सामने आया है कि चिन्नी हत्याकांड में शूटरों को इंपोर्टेड पिस्टल देने के लिए दो युवक न्यू चंडीगढ़ से टू-व्हीलर पर कजहेड़ी पहुंचे थे। पेट्रोल पंप के पास शूटरों को हथियार सौंपे गए और इसके बाद आरोपी मोहाली की तरफ फरार हो गए।
पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है लेकिन अभी तक सप्लायरों की पहचान तक नहीं हो सकी है। यह पूरा ऑपरेशन बेहद प्रोफेशनल तरीके से अंजाम दिया गया जिससे अंदेशा है कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

पहले से तय था पूरा प्लान, होटल में रुके थे शूटर
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी राजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम वारदात से पहले कजहेड़ी के एक होटल में तीन दिन तक रुके थे। इसी दौरान उन्होंने चिन्नी की रेकी की और हमले की साजिश को अंतिम रूप दिया। सूत्रों के अनुसार, जनवरी में भी पीयूष कजहेड़ी आया था और उसी समय भी हथियार सप्लाई करने वाले यही युवक उससे मिले थे। हालांकि उस समय वारदात को अंजाम नहीं दिया गया था। रविवार को चंडीगढ़ पुलिस हरियाणा पुलिस के साथ आरोपियों को कैथल से कजहेड़ी लेकर आई जहां सीन रीक्रिएशन कराया गया।
आरोपियों ने पुलिस को ठहरने की जगह, हथियार मिलने के स्थान और फरार होने के रूट की पहचान करवाई। पुलिस का दावा है कि इस प्रक्रिया से कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर सप्लायरों तक पहुंचने की कोशिश तेज कर दी गई है।

कई एजेंसियां सक्रिय, फिर भी नेटवर्क तक नहीं पहुंच पाईं
इस हाई-प्रोफाइल केस में चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल, जिला क्राइम सेल के अलावा पंजाब एजीटीएफ और हरियाणा एसटीएफ भी जांच में जुटी हैं। इसके बावजूद हथियार सप्लायर अब तक गिरफ्त से बाहर हैं। सूत्रों के अनुसार, गैंगस्टर लक्की पटियाल इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था और उसने शूटरों व सप्लायरों को केवल हथियार देने तक ही मिलवाया। इसके बाद सभी निर्देश वह खुद दे रहा था।
जो होटल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और एफआईआर दर्ज की जा रही है।- कंवरदीप कौर एसएसपी, चंडीगढ़

सोपू नेता पर फायरिंग में एक काबू, मुख्य शूटर गिरफ्त से बाहर
पीयू फायरिंग मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने जसप्रीत उर्फ जस को पिस्टल देने वाले दिलप्रीत को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि वारदात से पहले जसप्रीत सेक्टर-24 के होटल पार्क व्यू में ठहरा था जहां उसे हथियार उपलब्ध कराया गया। हालांकि, मुख्य शूटर गोला समेत काली और कूद्दा अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

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