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अभिव्यक्ति विचारयात्रा मंच” का आयोजन : प्रगतिशील युवा भारत और बुजुर्गों की भूमिका पर सार्थक विमर्श

भोपाल। “अभिव्यक्ति विचारयात्रा” श्रृंखला के तृतीय एपिसोड के अंतर्गत, जवाहर चौक स्थित डॉ अभिजीत देशमुख के सभागार में बौद्धिक विमर्श कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का विषय था— “प्रगतिशील युवा भारत और पीछे छूटते बागवान : जिम्मेदारी, संवेदना और समाधान।”कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अभिजीत देशमुख जी, अध्यक्ष – सबका सहारा वेलफेयर सोसायटी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार गोकुल सोनी एवं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रख्यात पत्रकार एवं चिंतक डॉ. नवीन आनंद जोशी मंचासीन रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोकुल सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, किन्तु इस विकास यात्रा में बुजुर्गों के अनुभव और मार्गदर्शन की उपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिवार और समाज को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जहाँ बुजुर्ग सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। देश के विकास में जब बुजुर्गों का अनुभव और युवा शक्ति का जोश तथा टेक्नोलॉजी मिलकर काम करेंगे तभी देश समृद्ध होगा। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ अभिजीत देशमुख ने कहा कि संवेदनशील समाज ही सशक्त समाज का निर्माण करता है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लेकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। डॉ नवीन आनंद जोशी जी ने विषय को वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में रखते हुए कहा कि आधुनिकता की दौड़ में पारिवारिक मूल्यों का क्षरण एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने समाधान के रूप में पीढ़ियों के बीच संवाद, सम्मान और सहयोग की संस्कृति को विकसित करने पर बल दिया। विचारगोष्ठी में समाज, साहित्य और बौद्धिक जगत से जुड़े अनेक विद्वानों, साहित्यकारों एवं जागरूक नागरिकों ने अपने अनुभव व विचार व्यक्त करते हुए जो प्रश्न किए, उनका मुख्य वक्ता श्री गोकुल सोनी ने समुचित समाधान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संयोजन श्री मनोज जैन जी द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें बी एल गोहिया, सुनील विश्वकर्मा, सूर्य सिंह, यशवंत गोरे, मोहित मिश्रा, हरि मोहन तिवारी, संतोष मिश्रा, उपेंद्र सिंह, भानुप्रकाश त्रिपाठी, राममुनि पाल, कपिल कुमार तिवारी, संदीप पाठक, राकेश श्रीवास्तव, सुश्री रत्ना चौहान, दीपक कोहली, ललित कुमार परमार सहित अन्य सहभागी शामिल रहे। अंत में “सबका सहारा” संस्था के सचिव श्री सुबोध श्रीवास्तव जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक विमर्श समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।

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