

क्या ईरान डॉल्फिन को विस्फोटक पहनाकर अमेरिका के जंगी जहाजों को उड़ाने की प्लानिंग कर रहा है. एसी खबरें लगातार चर्चा में हैं. ये खबरें ईरानी अधिकारियों की अमेरिका संग युद्ध को फिर से शुरू किए जाने की आशंका के बीच सामने आई हैं. डॉल्फिन से हमले किए जाने वाले सवाल का जवाब ट्रंप के रक्षा मंत्री ने दिया है.
ईरानी आत्मघाती डॉल्फ़िनों का सच क्या है?
अमेरिकी रक्षा विभाग की एक ब्रीफिंग के दौरान एक पत्रकार ने ईरानी आत्मघाती डॉल्फ़िनों के बारे में सामने आई रिपोर्टों का मुद्दा उठाया. इसके जवाब में ट्रंप के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, “मैं इस बात की पुष्टि या खंडन नहीं कर सकता कि हमारे पास आत्मघाती डॉल्फ़िन हैं या नहीं. लेकिन मैं इस बात की पुष्टि जरूर कर सकता हूं कि ईरान के पास तो नहीं हैं.”
बता दें कि द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पिछले हफ्ते ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा था कि तेहरान अमेरिकी जंगी जहाजों पर हमला करने के लिए उन हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है, जो पहले कभी यूज नहीं हुए हैं. इनमें पनडुब्बियों से लेकर बारूदी सुरंग ले जाने वाली डॉल्फ़िनें शामिल हैं.” तब से ही इन आत्मघाती डॉल्फ़िनों पर अमेरिका में सीएनएन और फॉक्स न्यूज़ पर चर्चा हो रही है. हालांकि कुछ ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने इन दावों को “अजीब” बताया है.
ईरानी विदेश कार्यालय ने उड़ाया ‘डॉल्फ़िन बम’ का मजाक
हालांकि ईरानी सेना ने हमले के लिए डॉल्फ़िन के इस्तेमाल पर आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा है. लेकिन ईरानी सरकार के कुछ विदेशी कार्यालयों ने इस दावे का मज़ाक जरूर उड़ाया. हैदराबाद स्थित ईरानी विदेश कार्यालय ने इंटरनेट पर एक एआई जनरेटेड फोटो पोस्ट की, जिसमें एक डॉल्फ़िन की बॉडी से “विस्फोटक” लेबल वाला एक कनस्तर बंधा हुआ है. पोस्ट में लिखा था, “आखिरकार उन्होंने राज़ खोल दिया, अब सब कुछ सामने आ गया है.बता दें कि अमेरिकी सेना के एक समुद्री कार्यक्रम के तहत डॉल्फ़िन को पानी के नीचे की खदानों जैसी अहम चीज़ों का पता लगाने और उन्हें निकालने की ट्रेनिंग दी जाती है. उसने समुद्री शेरों को भी पानी के नीचे “संदिग्ध वस्तुओं” का पता लगाने की ट्रेनिंग दी है.



