एजुकेशनखबरमध्य प्रदेश

आरएनटीयू ने ‘अंतरराष्ट्रीय मून डे’ का किया आयोजन, शासकीय स्कूल के बच्चों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए किया प्रेरित

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय मून डे’ कार्यक्रम का किया गया आयोजन, स्कूली बच्चों को चंद्रमा और अंतरिक्ष विज्ञान का महत्व बताया

भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चिकलोद में “अंतरराष्ट्रीय चंद्र दिवस” पर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। ‘वन मून, वन विज़न, वन फ्यूचर’ (One Moon, One Vision, One Future) थीम पर अंतरराष्ट्रीय मून डे’ मनाया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रति रुचि विकसित करना था। कार्यक्रम का संचालन आरएनटीयू में सी. वी. रमन विज्ञान संचार केंद्र की समन्वयक डॉ. प्रीति सिंह एवं उनकी सहयोगी टीम ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ चंद्रमा और अंतरिक्ष विज्ञान के महत्व पर चर्चा से हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों को पावरपॉइंट प्रस्तुति के जरिए चंद्रमा की उत्पत्ति, उसकी कलाएं, पृथ्वी पर उसका प्रभाव, ज्वार-भाटा, अपोलो-11 मिशन साथ ही भारत के चंद्रयान-1, चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 मिशनों की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों को चंद्रमा से जुड़े रोचक वैज्ञानिक तथ्यों से भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत “मून क्विज” का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों से चंद्रमा की दूरी, चंद्रमा पर कदम रखने वाले प्रथम मानव, चंद्रमा की कलाएं और भारत के चंद्र अभियानों से संबंधित सवाल पूछे गए। सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया। यह कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए चित्रकला (Drawing) प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर ‘मेरा चंद्रमा’, ‘चंद्रयान-3’, ‘भविष्य का चंद्र मिशन’ और ‘चंद्रमा पर जीवन’ जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र प्रदर्शित किया। उनकी रचनात्मक अभिव्यक्तियों की सभी ने सराहना की।

वहीं विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय चंद्र दिवस जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। आज आवश्यकता है कि बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उन्हें विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की वास्तविक उपलब्धियों से भी परिचित कराया जाए।

आपको बता दें कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने तथा विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button