
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई बड़े चेहरों की तरफ से आज 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया गया। करीब पांच घंटे तक चले इस प्रदर्शन को पुलिस ने शाम करीब 7 बजे बलपूर्वक खत्म कराया। इसके बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से राहुल-प्रियंका के साथ कई कांग्रेस नेताओं और यहां तक कि धरने में पहुंचे समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव तक को हिरासत में ले लिया गया।
कांग्रेस सांसदों को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास (10, राजाजी मार्ग) पर उनके जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे। वहां से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस नेता अचानक पीएम आवास 7, लोक कल्याण मार्ग की ओर मार्च करते हुए निकलेराहुल और प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने पीएम आवास के बाहर जुटकर धरना और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करके छात्रों पर हुई क्रूरता के खिलाफ प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जवाब और इस्तीफे की मांग की
लिस की कार्रवाई कब शुरू हुई?
दोपहर 4 से 5 बजे
- पुलिस ने पीएम मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे कुछ शुरुआती कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। इनमें चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेता शामिल रहे। इन्हें पुलिस की गाड़ियों में बिठाकर धरनास्थल से दूर किया गया।
- पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे सांसदों को जिप टाई बांटीं। इसका मकसद यह था कि सांसद एक-दूसरे के हाथ बांध लें, जिससे पुलिस के लिए उन्हें वहां से हटाना मुश्किल हो जाए।
- पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात करते हुए पीएम आवास की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी, ताकि अन्य प्रदर्शनकारी वहां न पहुंच सकें।
सरकार की तरफ से बातचीत कब शुरू हुई?
शाम करीब 5.00 से 5.30 बजे
सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर राहुल गांधी से बातचीत की। हालांकि, यह वार्ता बेनतीजा रही क्योंकि कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगें- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और संसद में चर्चा) पूरी होने तक धरना वापस लेने से साफ इनकार कर दिया


