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बाग प्रिंट कला के शिल्पकार मोहम्मद आरिफ़ खत्री मानद डॉक्टरेट से सम्मानित

  1. भोपाल। 21 जुलाई । मध्यप्रदेश की विश्वविख्यात बाग प्रिंट कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाले मास्टर शिल्पकार मोहम्मद आरिफ़ खत्री को भारतीय पारंपरिक बाग प्रिंट हस्तशिल्प के संरक्षण, संवर्धन, नवाचार एवं वैश्विक स्तर पर इसके प्रभावी प्रचार-प्रसार में उनके असाधारण योगदान के लिए उत्तर प्रदेश के माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर द्वारा डॉक्टर ऑफ लेटर्स (मानद डॉक्टरेट) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में प्रदान किया गया। समारोह का आयोजन सेठ गंगाप्रसाद माहेश्वरी सभागार, सहारनपुर में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं गुजरात की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन माध्यम से की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वाई. विमला, उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी तथा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव सुधीर बोबडे ने मोहम्मद आरिफ़ खत्री को मानद उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया।

मानद डॉक्टरेट किसी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च अकादमिक सम्मान माना जाता है। यह उन विशिष्ट व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर समाज, संस्कृति, कला, शिक्षा अथवा राष्ट्र के लिए स्थायी और प्रेरणादायी कार्य किए हों। मोहम्मद आरिफ़ खत्री को यह सम्मान भारतीय पारंपरिक बाग प्रिंट कला को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने और विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित करने के लिए प्रदान किया गया।

मोहम्मद आरिफ़ खत्री को बाग प्रिंट की विरासत अपने दादा शिल्प गुरु इस्माइल सुलेमानजी खत्री तथा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार अब्दुल कादर खत्री से प्राप्त हुई। उन्होंने प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक हस्तछपाई की मूल तकनीकों को संरक्षित रखते हुए बाग प्रिंट को देश के प्रमुख शिल्प आयोजनों और अनेक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों तक पहुँचाया। उनके नवाचार और समर्पण ने बाग प्रिंट को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025, भोपाल में उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष बाग प्रिंट की ऐतिहासिक परंपरा और प्राकृतिक रंगों की प्रक्रिया प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनके मार्गदर्शन में पारंपरिक लकड़ी के ब्लॉक से स्वयं बाग प्रिंट की छपाई भी की। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने भी बाग प्रिंट की कलात्मक उत्कृष्टता की सराहना की। मोहम्मद आरिफ़ खत्री को इससे पूर्व यूनेस्को एवं वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल के प्रतिष्ठित अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस फॉर हैंडीक्राफ्ट्स सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। यह मानद डॉक्टरेट न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का सम्मान है, बल्कि मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट परंपरा और भारतीय हस्तशिल्प की वैश्विक प्रतिष्ठा का भी गौरवपूर्ण प्रतीक है।

 

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