भोपाल में डॉ. चिन्मय पंड्या के गरिमामय उपस्थिति में 1111 पौधों का तरु-रोपण महायज्ञ, प्रबुद्ध वर्ग को किया संबोधित

भोपाल। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत डॉ. चिन्मय पंड्या के प्रातः भोपाल विमानतल आगमन पर भोपाल गायत्री परिवार ने भव्य स्वागत अभिनंदन किया इसके उपरांत सामला माता मंदिर की पहाड़ी पर 1111 पौधों का भव्य तरु-रोपण महायज्ञ आयोजित किया गया। यज्ञीय वातावरण एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच डॉक्टर चिन्मय भैया जी के कर कमलो द्वारा त्रिवेणी की स्थापना के साथ विभिन्न प्रजातियों के लगभग 10 से 12 फीट ऊंचे पौधों का विधिवत रोपण किया गया। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, हरित चेतना और प्रकृति के प्रति जन-जागरण का प्रेरक संदेश बनकर उभरा।
इस महाअभियान को सफल बनाने में श्री आर. पी.हजारी, महेश विजयवर्गीय, मनोहर दांगी, श्री प्रेमलाल कुशवाहा यशपाल कुशवहा सेमरा दांगी एवं नयापारा के वरिष्ठ परिजनो एवं सभी परिजनों का विशेष योगदान रहा।
तरु-रोपण के पश्चात गायत्री शक्तिपीठ पर दर्शन भ्रमण एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए 19 वे वाङ्मय साहित्य की स्थापना की पूजा अर्चना करने के बाद सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के वैभवशाली स्वरूप पर आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम में डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में युवाओं से राष्ट्र निर्माण, संस्कार, चरित्र निर्माण तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा मंत्री माननीय श्री इंदर सिंह परमार ने की। कार्यक्रम में योग आयोग, मध्यप्रदेश शासन के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी शांतिकुंज मध्य प्रदेश प्रभारी श्री जगदीश कुलमी जी राजेश पटेल उदय किशोर मिश्रा, विरल पटेल श्री रघुनंदन शर्मा जी गायत्री परिवार के मध्य प्रदेश के उपजनों के प्रभारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं शिक्षा जगत के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। रमेश नागर जिला समन्वयक ने बताया कि डॉक्टर चिन्मय पंड्या लगातार सतत प्रवास करते हुए आज प्रातः भोपाल 7:55 पर पहुंचे और
दिनभर के व्यस्त कार्यक्रमों के उपरांत डॉ. चिन्मय भैया जी 4:30 पर भोपाल विमानतल से अपने अगले प्रवास के लिए रवाना हुए। उनके भोपाल आगमन से गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं नागरिकों में विशेष उत्साह और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला।




