दोहरे हत्याकांड में सजा-ए-मौत, पत्नी और सौतेली बेटी को बके से ताबड़तोड़ हमला कर उतारा था मौत के घाट

जबलपुर के बरगी क्षेत्र में पत्नी और सौतेली बेटी की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार यादव की अदालत ने आरोपी रामजी भूमिया को दोहरे हत्याकांड का दोषी मानते हुए मृत्युदंड और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।भियोजन के अनुसार, बसंत नगर निवासी रामजी भूमिया ने लगभग 12 वर्ष पहले राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो से विवाह किया था। राधा का पहले पति से अलगाव हो चुका था और उसके तीन बच्चे थे। विवाह के बाद वह अपने बेटे आशीष भूमिया उर्फ आसिफ खान और बेटी महक के साथ रामजी के घर रहने लगी थी।
घटना 6 जून 2025 की रात की है। करीब नौ बजे रामजी घर पहुंचा और किसी पारिवारिक बात को लेकर पत्नी से विवाद करने लगा। झगड़े के दौरान राधा की बेटी ने अपने भाई आशीष को फोन कर सूचना दी। आशीष मौके पर पहुंचा और दोनों को समझाकर वापस लौट गया। कुछ देर बाद घर से चीख-पुकार की आवाज सुनकर वह दोबारा पहुंचा। वहां उसने देखा कि उसकी मां और बहन महक खून से लथपथ पड़ी थीं, जबकि रामजी हाथ में बका लिए खड़ा था। उसे देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया।




