आईआईटी बॉम्बे में मध्यप्रदेश के अभियंताओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के मार्गदर्शन में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता तथा क्षमता संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के 60 अभियंताओं का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे में 20 से 24 जुलाई 2026 तक 5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग एवं आईआईटी बॉम्बे के मध्य हुए समझौता ज्ञापन के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विभागीय अभियंताओं को विश्वस्तरीय तकनीकी ज्ञान, नवीनतम निर्माण तकनीकों तथा व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना है, जिससे प्रदेश में निर्मित होने वाली सड़क एवं सेतु परियोजनाओं की गुणवत्ता, टिकाऊपन और कार्य निष्पादन क्षमता में दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान अभियंताओं को फील्ड एक्सीक्यूशन, गुणवत्ता नियंत्रण, निर्माण संयंत्रों का संचालन, सड़क एवं पेवमेंट में उत्पन्न होने वाली क्षतियों, आर.ई. वॉल, ड्रेनेज सिस्टम, पेवमेंट फेल्योर के कारणों तथा उनके वैज्ञानिक समाधान एवं सुधारात्मक उपायों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही प्रतिभागियों को आईआईटी बॉम्बे की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराकर विभिन्न परीक्षण प्रक्रियाओं एवं आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण में शामिल अभियंताओं ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें निर्माण कार्यों के दौरान आने वाली तकनीकी चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आधुनिक कार्यपद्धतियों की बेहतर समझ प्राप्त हुई, जिसका लाभ प्रदेश की अधोसंरचना परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मिलेगा।
लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह के निर्देशानुसार विभाग द्वारा अभियंताओं के क्षमता विकास, सतत प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित कर विभागीय अधिकारियों एवं अभियंताओं को नियमित रूप से उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित, टिकाऊ एवं समयबद्ध अधोसंरचना निर्माण की दिशा में यह महत्वपूर्ण साबित होगा।
आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञों ने मध्यप्रदेश शासन एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा अभियंताओं के कौशल उन्नयन के लिये किए जा रहे इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम फील्ड इंजीनियरों को व्यावहारिक समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध कराने के साथ-साथ आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों के प्रभावी उपयोग को भी बढ़ावा देंगे। संस्थान ने भविष्य में भी मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के साथ इस सहयोग को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

