अध्यात्ममध्य प्रदेश

विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिकता और व्यक्तित्व निर्माण में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर शिक्षक सम्मान समारोह

भोपाल। 25 जुलाई 2026 को कैलाश नारायण पाटीदार कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, बागली रोड, मिसरोद में अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के अंतर्गत प्राचार्य एवं शिक्षक सम्मान समारोह तथा विचार-विमर्श गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिकता, व्यक्तित्व निर्माण और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्राचार्यों एवं शिक्षकों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप्ति भारद्वाज एवं शशि श्रीवास्तव द्वारा भावपूर्ण प्रज्ञागीत तथा वेदमंत्रों के सस्वर उच्चारण के साथ हुआ। इससे वातावरण आध्यात्मिक एवं संस्कारमय बन गया। कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर श्री आर.बी. चोरिया, समन्वयक, नव चेतना केंद्र, श्रीराम आचार्य मार्ग, भोपाल ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा आगामी गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी दी।
प्रांतीय सह-समन्वयक श्री कन्हैया लाल पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा देशभर के विद्यालयों में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, नैतिक मूल्यों एवं आदर्श जीवन पद्धति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में मानवीय गरिमा, सकारात्मक दृष्टिकोण, कर्तव्यनिष्ठा, प्रखर विचार, तनाव एवं अवसाद से मुक्ति, राष्ट्र गौरव तथा उत्कृष्ट भाव-संवेदनाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनाने की दिशा में एक व्यापक सांस्कृतिक जागरण आंदोलन है।
श्री कन्हैया लाल पटेल ने बताया कि आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों से प्रेरित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा भोपाल में वर्ष 1994 से डॉ. शंकर लाल पाटीदार के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुई थी और लगातार 31 वर्षों से सफलता के साथ संचालित हो रही है। आज यह परीक्षा विश्वस्तरीय स्वरूप प्राप्त कर चुकी है।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा विभाग मध्यप्रदेश के प्रांतीय सचिव श्री अजीत कुमार भगत ने बताया कि गत वर्ष भोपाल में लगभग 19 हजार छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में भाग लिया था। इस वर्ष इस संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अभियान से जुड़े कार्यकर्ता विद्यालयों से संपर्क कर परीक्षा से संबंधित पत्र-पत्रिकाओं, पुस्तकों, ओएमआर शीट पर परीक्षा देने की प्रक्रिया और परीक्षा के महत्व की जानकारी देकर विद्यार्थियों का पंजीयन करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एक साथ आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि चरित्रवान व्यक्ति के निर्माण में संस्कार और भारतीय संस्कृति का समन्वय आवश्यक है। गायत्री परिवार विभिन्न संस्कार कार्यक्रमों तथा भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के माध्यम से इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने गायत्री परिवार के संस्थापक एवं गुरु वेदमूर्ति, तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के प्रसिद्ध संदेश ‘हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा’ और ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा इस विचार को सार्थक दिशा में आगे बढ़ा रही है।
जिला समन्वयक श्री रमेश नागर ने कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों को संस्कारवान, स्वावलंबी और अनुशासित बनने के साथ-साथ सत्य, प्रेम, न्याय और समय के सदुपयोग जैसे जीवन मूल्यों की शिक्षा देती है। वर्तमान समय में युवा पीढ़ी अनेक सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारतीय संस्कृति परीक्षा विभाग, मध्यप्रदेश के प्रांतीय संयोजक श्रीकृष्ण शर्मा ने अधिक से अधिक विद्यालयों एवं विद्यार्थियों से परीक्षा में भाग लेने का आह्वान किया और कहा कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में सभी को सहभागी बनना चाहिए।
के.एन.पी. कॉलेज के संचालक श्री रामदयाल पाटीदार ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के ज्ञान का संवर्धन करती है, जो उनके चरित्र निर्माण में सहायक होगा।
विचार-विमर्श सत्र में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर सारगर्भित चर्चा हुई। सभी अतिथियों एवं शिक्षकों ने संस्कारवान, चरित्रवान एवं राष्ट्रनिष्ठ पीढ़ी के निर्माण के लिए भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा को अधिकाधिक विद्यालयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन श्री हरीश मारन ने किया।
इस अवसर पर गायत्री शक्ति पीठ के अनेक परिजन सहित श्री पूनमचंद वर्मा, श्री हरीश मारन, श्री यतीश गुप्ता, श्रीमति मधु श्रीवास्तव, राज श्री चोरिया,विनोद मालवीय हरीश केतुनिया तथा अन्य कार्यकर्ता, अतिथिप्राचार्य ,शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी कार्यकर्ताओं, अतिथियों एवं शिक्षकों का सहयोग सराहनीय रहा। अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन मंगलकामनाओं के साथ हुआ।।

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