केरल में निजी बस के पलटने से एक व्यक्ति की मौत, 26 घायल

केरल के मलप्पुरम जिले में कुट्टिपुरम के पास रविवार सुबह कोझिकोड-त्रिशूर मार्ग पर एक निजी बस राष्ट्रीय राजमार्ग पर पलट गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 26 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। घटना के बाद राज्य के परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन ने कहा कि पुलिस जांच के अलावा परिवहन आयुक्त भी दुर्घटना की अलग से जांच करेंगे और इसके कारणों पर रिपोर्ट सौंपेंगे। उन्होंने कहा, ”रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना की वजह तेज रफ्तार थी या सड़क निर्माण से जुड़ी कोई खामी।”
मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में हुई सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए इस प्रकार की दुर्घटनाओं के बाद अलग से जांच कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि घायलों में से तीन लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर है। जॉन ने इस हादसे में कोझिकोड निवासी वैष्णव की मौत पर शोक व्यक्त किया है। घटनास्थल के दृश्यों में बस सड़क किनारे बने कंक्रीट के अवरोधक के ऊपर उलटी पड़ी दिखाई दी। बस बीच से लगभग मुड़ गई थी और उसका निचला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। टेलीविजन फुटेज में अवरोधक के दूसरी ओर खड़ी एक कार पर भी बस का एक हिस्सा टिका हुआ दिखाई दिया। दुर्घटना के एक वीडियो में बस तेज रफ्तार से जाती हुई दिखाई देती है। इसके बाद वह अचानक बाईं ओर मुड़ती है, सर्विस रोड के किनारे बने कंक्रीट के अवरोधक से टकराती है और पलट जाती है। पुलिस और स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क खंड पहले से ही दुर्घटना संभावित माना जाता है।
पुलिस ने कहा कि दुर्घटना के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर बस के तेज गति से चलने का संदेह है और बारिश भी दुर्घटना का एक कारण हो सकती है। बस में सवार एक यात्री ने एक समाचार चैनल से कहा कि दुर्घटना के बाद बस से डीजल रिसने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और बाहर निकलने में काफी कठिनाई हुई। बस की अगली सीट पर बैठीं दो बहनों ने एक समाचार चैनल को बताया कि बस तेज रफ्तार से चल रही थी। चालक ने अचानक वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिससे बस फिसलकर कंक्रीट के अवरोधक पर पलट गई। उन्होंने बताया कि टक्कर के दौरान वे बस से बाहर जा गिरीं और उनमें से एक के चेहरे पर कई जगह गंभीर चोटें आईं। दोनों बहनों ने कहा कि कई घायलों को राहगीरों ने तत्काल पास के अस्पतालों में पहुंचाया।
पुलिस ने बताया कि स्थानीय निवासियों ने भी बचाव अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग किया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क का अवैज्ञानिक ढंग से किया गया निर्माण इस दुर्घटना का कारण है। उनका दावा है कि कुट्टिपुरम के पास ढलान वाले हिस्से में राजमार्ग अचानक संकरा हो जाता है, जिससे यह क्षेत्र दुर्घटनाओं की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने अब तक कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया है।




