नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा में एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद मधेश प्रांत के धनुषा, सिराहा समेत कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सरकार हालात की लगातार समीक्षा कर रही है।
भारत की सीमा से लगे पड़ोसी कोशी प्रांत के सुनसरी जिले में इस सप्ताह की शुरुआत में सांप्रदायिक हिंसा हुई। इसके बाद बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर नेपाली अधिकारियों ने गुरुवार को मधेस प्रांत के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया। बता दें कि इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, कई अन्य घायल हो गए।
तनाव के बाद कर्फ्यू लगा
मधेश प्रांत के धनुसा और सिराहा जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है। धनुषा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी भूदेव झा ने कहा कि लक्ष्मीनिया हाटबाजार, बेलौनी रोड, नागराईन नगर पालिका, दूधमती ब्रिज और जनकपुर सहित धनुषा के विभिन्न हिस्सों में तनाव के कारण एहतियात के तौर पर दोपहर 3:30 बजे से अनिश्चित काल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसी प्रकार, सिराहा जिले के जिला प्रशासनिक कार्यालय द्वारा जारी एक नोटिस के अनुसार, सिराहा जिले में पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के गोलबाजार क्षेत्र में दोपहर 2 बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
सुनसरी जिले में सोमवार को पहली बार लागू किया गया। इसके बाद कर्फ्यू बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया। रविवार को कपतांगंज क्षेत्र में दो धार्मिक समुदायों की ओर से मनाए जा रहे समारोहों के दौरान विवाद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आपस में भिड़ रहे समूहों को तितर-बितर करने के लिए गोली चली। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
दस इलाकों में कर्फ्यू बढ़ा
सहायक मुख्य जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने गुरुवार को कहा कि सुनसरी जिले में सुरक्षा स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जिला प्रशासन ने ईस्ट-वेस्ट हाईवे समेत दस इलाकों में कर्फ्यू बढ़ा दिया है। यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा। इसके साथ ही पर्सा जिले के बीरगंज में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
क्या है प्रतिबंध?
कर्फ्यू के तहत लोगों की आवाजाही, सभाओं, प्रदर्शनों, सार्वजनिक बैठकों और धरनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नेपाली कांग्रेस के बसना थापा और श्रम संस्कृति पार्टी के ओरेन राय सहित कई सांसदों ने गुरुवार को संसद में बोलते हुए सरकार का ध्यान सुनसरी सहित दक्षिणी नेपाल के जिलों में बढ़ते तनाव की ओर आकर्षित किया।प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने देश में, विशेषकर सुनसरी जिले में,राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। दक्षिणपूर्वी नेपाल में भारत के बिहार राज्य से सटी सीमा पर स्थित सुनसरी, दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण पारगमन और वाणिज्यिक गलियारा है।