खबर

सीमा से सटे गंगानगर में नकली आर्मी यूनिफॉर्म का बड़ा खेल, इंटेलिजेंस ने 1000 मीटर कपड़ा पकड़ा

पाकिस्तान सीमा से सटे संवेदनशील जिले श्रीगंगानगर में आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर पुलिस ने आम लोगों के लिए प्रतिबंधित सेना की नई डिजिटल पैटर्न कॉम्बैट यूनिफॉर्म के नकली कपड़े की अवैध बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त छापेमारी में सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म से मिलता-जुलता कपड़ा, जूते, फीते, टोपी और सेना से जुड़े अन्य सामान जब्त किए गए। प्रारंभिक कार्रवाई में 1000 मीटर से अधिक प्रतिबंधित पैटर्न का कपड़ा बरामद हुआ है।

15 अगस्त से पहले कई दुकानों पर छापेमारी
कोतवाली पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित करीब एक दर्जन दुकानों पर संयुक्त कार्रवाई की। स्वतंत्रता दिवस से पहले किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर हुआ बड़ा खुलासा
कोतवाली थाना प्रभारी तेजवंत सिंह बराड़ ने बताया कि आर्मी इंटेलिजेंस से लगातार सूचना मिल रही थी कि शहर की कई दुकानों पर प्रतिबंधित डिजिटल पैटर्न वाली सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म का नकली कपड़ा बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस ने संयुक्त छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री जब्त की। मामले की जांच जारी है।इन दुकानों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान अपना आर्मी टेलर्स, जय भोले आर्मी स्टोर, आरडी आर्मी स्टोर, पंजाबी आर्मी टेलर्स, चरण आर्मी टेलर, श्री प्रयाग आर्मी स्टोर, कुक्कड़ आर्मी स्टोर, राज आर्मी स्टोर और जेएमडी आर्मी टेलर सहित कई दुकानों पर छापेमारी की गई। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि यह सामान किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया गया था।

सुरक्षा एजेंसियों ने जताई दुरुपयोग की आशंका
आर्मी इंटेलिजेंस के अनुसार भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इस संवेदनशील इलाके में प्रतिबंधित सैन्य वर्दी की खुलेआम बिक्री गंभीर सुरक्षा चुनौती बन सकती है। एजेंसियों का कहना है कि यदि सेना जैसी दिखने वाली वर्दी गलत हाथों में पहुंचती है तो उसका दुरुपयोग कर संवेदनशील क्षेत्रों में घुसपैठ या अन्य आपराधिक गतिविधियों की आशंका बढ़ सकती है। इसी कारण इस पैटर्न की वर्दी की खुली बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।बिना लाइसेंस चल रहा कारोबार
जांच में सामने आया है कि यह कपड़ा दिल्ली के आजाद नगर स्थित महालक्ष्मी मार्केट से लाया जा रहा था। बताया गया कि वहां बड़ी संख्या में सेना की ड्रेस के कपड़े बेचने वाली दुकानें हैं। श्रीगंगानगर के जिन दुकानदारों के यहां कार्रवाई हुई, उनके पास इस प्रतिबंधित पैटर्न के कपड़े की बिक्री का वैध लाइसेंस नहीं था।

रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2023 में लागू नई डिजिटल कैमोफ्लेज यूनिफॉर्म के डिजाइन का इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) पंजीकृत करा रखा है और इसकी खुली बिक्री पर रोक है। इसके बावजूद अवैध कारोबार जारी रहने से सुरक्षा एजेंसियां पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने में जुटी हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button