एस यू सी आई कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक व महान क्रांतिकारी शिवदास घोष के स्मृति दिवस पर हुई जनसभा जन आंदोलन ही एकमात्र समाधान….. प्रताप सामल

मेहनतकश वर्ग की क्रांतिकारी पार्टी एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के संस्थापक, महान क्रांतिकारी और मार्क्सवादी चिंतनकार कामरेड शिवदास घोष के स्मृति दिवस पर एक राज्य स्तरीय जनसभा का आयोजन किया गया। यह आयोजन भोपाल के गांधी हॉल में संपन्न हुआ। जिसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर ,उज्जैन, देवास, गुना, अलीराजपुर, उज्जैन, जबलपुर अशोकनगर समेत प्रदेश के कयी जिलों से लोग शामिल हुए। सभा में बात रखते हुए पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य व मुख्य वक्ता कॉमरेड अरुण सिंह ने कहा कि पूंजीवाद के चरम शोषण के चलते आज आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। महंगाई, बेरोजगारी, नशाखोरी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अश्लीलता अपसंस्कृति ने समाज को पूरी तरह जकड़ लिया है। ऐसे समय में जन समस्याओं के खिलाफ लड़ने के लिए क्रांतिकारी विचार की बेहद जरूरत है। कामरेड शिवदास घोष का विचार आज के समय में विभिन्न जन आंदोलनों को एक बेहतर दिशा प्रदान कर रहा है और इसे जनता के मुक्ति के आंदोलन में बदलने का प्रयास कर रहा है। आज अगर दमन शोषण बढ़ रहा है तो उस शोषण के खिलाफ लोग भी लड़ रहे हैं। क्रांतिकारी पार्टी एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) इन्हीं विचारों को सामने रखकर देश भर में जन आंदोलनों का संचालन कर रही है। प्रदेश सचिव कॉमरेड प्रताप सामल ने सभा मे बात रखते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक सांस्कृतिक परिवेश में क्रान्तिकारी विचारों की बेहद जरूरत है। आज जन आंदोलन का पुलिस दमन चरम पर है। जंतर मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे देश के छात्रों नौजवानों पर पुलिस ने बर्बर अत्याचार किये। हक की आवाज उठाने वालों को आतंकवादी, देशद्रोही कहा जा रहा है। आज जनांदोलनों पर लाठी चार्ज अश्रु गैस का प्रयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है फिर भी बहादुरी से देश के छात्र नौजवान मुकाबला कर रहे हैं।
प्रताप सामल ने कहा कि प्रदेश के हालात भी इससे अलग नहीं है। शिक्षा-स्वास्थ्य का निजीकरण किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को प्राइवेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है। रेलवे स्टेशनों की बोलियां लगाई जा रही है। प्रदेश के 94000 सरकारी स्कूल बंद किया जा रहे हैं। जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आज एक लंबी लड़ाई लड़ने की जरूरत है।
सभा की अध्यक्षता कॉम रचना अग्रवाल ने की। जनांदोलन में पुलिस हस्तक्षेप पर रोक लगाने, बिजली,शिक्षा स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
दिनांक- 07/08/26




