झारखंड में JPSC-JSSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत शुरू हो गई है। शुक्रवार शाम 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल राजकीय अतिथिशाला पहुंच गया, जहां सरकार की ओर से गठित चार मंत्रियों की कमेटी के साथ छात्रों की वार्ता चल रही है। प्रशासन की ओर से रांची के उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भी बैठक में मौजूद हैं। छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर यह बातचीत अहम मानी जा रही है।
राजकीय अतिथिशाला में शुरू हुई सरकार-छात्रों की वार्ता
वार्ता के लिए 10 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल राजकीय अतिथिशाला के अंदर पहुंच चुका है। सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव बातचीत में शामिल हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से रांची के डीसी और एसएसपी बैठक में मौजूद हैं। बैठक में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों की अन्य मांगों पर चर्चा की जा रही है। यदि शुरुआती दौर की बातचीत सकारात्मक रहती है तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर सकते हैं।
सरकार की आपत्ति के बाद 11 से 10 हुई प्रतिनिधिमंडल की संख्या
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव लेकर पहुंचे एसडीओ ने छात्रों से प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे थे। छात्रों ने शुरुआत में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया था। हालांकि, सरकार की ओर से कुछ नामों पर आपत्ति जताए जाने के बाद सूची में बदलाव किया गया और अब 10 सदस्यीय टीम सरकार से बातचीत कर रही है। छात्रों ने बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ सीधे संवाद की मांग भी रखी है।
चार मंत्रियों की कमेटी कर रही छात्रों से बातचीत
छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्राथमिक दौर की बातचीत के लिए चार मंत्रियों की कमेटी गठित की है। यही कमेटी फिलहाल छात्र प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर रही है। वहीं, देवेंद्र नाथ महतो समेत छह छात्र अनशन पर हैं। प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई और ईडी से कराने की मांग कर रहे हैं।
CID की कार्रवाई में अब तक 19 गिरफ्तार
इस बीच, बुधवार रात सीआईडी ने रांची और लखनऊ में छापेमारी कर परीक्षा संचालन से जुड़ी आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के अकाउंटेंट रक्षक सिंह समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 19 हो गई है।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार को उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बातचीत पर टिकी छात्रों और सरकार की नजर
कई दिनों से चल रहे आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच शुरू हुई यह वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब दोनों पक्षों के बीच होने वाली चर्चा और सरकार की ओर से दिए जाने वाले आश्वासन पर आंदोलन की आगे की दिशा निर्भर करेगी।
